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दंगल के बाद अब ‘नाम शबाना’ को पाकिस्तान ने किया बैन, जानें- क्या है वजह?

नीरज पांडे की फिल्म नाम शबाना इंटेंस है, मिस्ट्री से भरी है और पिछली फिल्म बेबी को मिस करने का मौका नहीं देती। जी हां नाम शबाना साल 2015 में आई फिल्म बेबी का प्रीक्वल है।

Author नई दिल्ली | April 9, 2017 6:40 PM
नाम शबाना में तापसी पन्नू जासूस के किरदार में नजर आ रही हैं।

पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर बॉलीवुड की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘‘नाम शबाना’’ के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है हालांकि शुरुआत में उसने कुछ दृश्यों पर कैंची चलाने के साथ इस फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी थी। गत सप्ताह फिल्म के प्रदर्शन को मंजूरी दे दी गयी थी लेकिन इस्लामाबाद में एक सिनेमाघर ने दृश्यों में अनिवार्य कांट-छांट के बिना फिल्म प्रदर्शित की जिसके कारण इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इससे सेंसर बोर्ड को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के मजबूर होना पड़ा।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद से संबंधित कुछ दृश्य दिखाये जाने के लिए उचित नहीं थे।

सेंसर बोर्ड के अधिकारियों ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग से इनकार कर दिया है लेकिन स्थानीय वितरक एवर रेडी पिक्चर्स ने संपादन के बाद फिल्म दिखाने का आग्रह किया है। तापसी पन्नू और मनोज वाजपेयी की अहम भूमिकाओं वाली ‘‘नाम शबाना’’ 31 मार्च को पाकिस्तान में प्रदर्शित की गयी थी। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच तनाव के बाद गत वर्ष भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी थी। हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में इस प्रतिबंध को हटा दिया गया।

नीरज पांडे की फिल्म नाम शबाना इंटेंस है, मिस्ट्री से भरी है और पिछली फिल्म बेबी को मिस करने का मौका नहीं देती। जी हां नाम शबाना साल 2015 में आई फिल्म बेबी का प्रीक्वल है। इसे आप बेबी का स्पिन ऑफ भी कह सकते हैं। 2015 में आई बेबी ने ना सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था। बल्कि यह फिल्म क्रिटिक्स को भी काफी पसंद आई थी। बेबी में जहां अक्षय कुमार मेन लीड में थे। वहीं नाम शबाना में तापसी पन्नू अहम किरदार में हैं। इस फिल्म में तापसी पन्नू को मौका दिया गया है और वह फिल्म में खुद को साबित करने में कामयाब भी रही हैं।

शबाना एक सिंपल लड़की है जो अपनी मां के साथ मुंबई में रहती है। कराटे के अलावा उसका एक दोस्त है जय जो उसे एक सीरियस जिंदगी से ब्रेक दिलाता है। लेकिन जिंदगी हमेशा उस तरह आगे नहीं बढ़ती जिस तरह हम चाहते हैं। एक घटना में जय अपनी जान गंवा देता है। यहां से शबाना की असल कहानी की शुरुआत होती है। मनोज बाजपयी फिल्म में एजेंसी के चीफ के रोल में हैं। जो कम बोलने में विश्वास रखते हैं। वह पूछते हैं, डू वी हैव ए डील शबाना? और तुरंत वेलकम कहकर बात खत्म कर देते हैं। बेबी की तरह यह फिल्म भी आपको कहानी के साथ बांधे रखती है। फिल्म का भारीभरकम बैग्राउंड म्यूजिक और कुछ डायलॉग फिल्म में आपका इंटरेस्ट बनाए रखेंगे।

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