‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ याद है? संजय दत्त और अरशद वारसी स्टारर इस फिल्म में एक लड़के को देखा गया था, जो एक लड़की से रिजेक्ट होने के बाद टूट जाता है और आत्महत्या की कोशिश करता है। इसी लड़के की वजह से मुन्ना भाई फिल्म का मशहूर गाना ‘अपुन जैसे टपोरी’ को गाता है और उसे समझता है कि दुनिया में और भी लड़कियां हैं। रोल छोटा था, लेकिन उस लड़के का किरदार निभाने वाले एक्टर विशाल ठक्कर, फिल्म के बाद दर्शकों के बीच पहचाने जाने लगे।
विशाल ठक्कर ने आगे फिल्मों और टेलीविजन में अपना करियर बनाया। ‘टैंगो चार्ली’ जैसी फिल्मों में और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘थपकी प्यार की’, ‘आहट’ और ‘किस देश में है मेरा दिल’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में काम किया। वह टेलीविजन इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना चेहरा थे। लेकिन जनवरी 2016 में विशाल की जिंदगी ने एक ऐसा रहस्यमयी मोड़ लिया कि आज तक उसे कोई सुलझा नहीं पाया है। 2016 में विशाल ठक्कर बिना किसी सुराग के गायब हो गए थे। 10 साल से भी ज्यादा समय के बाद अभी तक इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि उनके साथ क्या हुआ।
2026 में विशाल ठक्कर की उम्र लगभग 40 साल होती।

विशाल के गायब होने से पहले क्या हुआ था?
31 दिसंबर 2015 की बात है, विशाल मुलुंड में अपने परिवार के साथ घर पर थे। 2019 में द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपनी मां दुर्गा से हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स: द फोर्स अवेकन्स’ देखने के लिए थिएटर चलने को कहा था। वह नहीं गईं, एक ऐसा फैसला जिस पर उन्हें बाद में बहुत पछतावा हुआ, क्योंकि वह आखिरी बार था जब उन्होंने अपने बेटे को देखा था।
रात करीब 10:30 बजे, विशाल ने अपनी मां से 500 रुपये उधार लिए और फ्लैट से निकल गए। कुछ घंटों बाद रात करीब 1 बजे उन्होंने अपने पिता महेंद्र को मैसेज भेजा, ‘मैं एक पार्टी में जा रहा हूं। कल मिलते हैं।’ यह उनके परिवार को मिला उनका आखिरी मैसेज था। अगली सुबह विशाल गायब थे। उस समय उनकी उम्र 30 साल थी।
जब 2019 में द इंडियन एक्सप्रेस ने उनसे बात की, उनकी मां तीन साल बाद भी जवाबों का इंतजार कर रही थीं। दुर्गा ने कहा था, ‘मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे के साथ क्या हुआ।’
यह भी पढ़ें: बौनेपन की वजह से उड़ा मजाक, दो बार शादी छोड़ भागा एक्टर, बनना चाहता था सलमान खान जैसा सुपरस्टार
कहां आखिरी बार दिखे थे विशाल?
पुलिस के मुताबिक, विशाल ने नए साल की शाम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अहमदाबाद हाईवे पर एक रिसॉर्ट में बिताई थी। वापस आते समय कपल घोड़बंदर रोड पर फाउंटेन होटल पर चाय पीने के लिए रुका। वहीं विशाल ने कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड को बताया कि उन्हें अंधेरी में एक दोस्त से मिलना है। जांच अधिकारी जयवंत पडवी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को उनकी गर्लफ्रेंड से क्या पता चला था।
उन्होंने 2016 में मीडिया को बताया था, ‘फाउंटेन पर चाय पीते हुए, विशाल ने उससे कहा कि उन्हें अंधेरी में एक दोस्त से मिलना है और वह चला गया। उसके बाद, गर्लफ्रेंड ने उन्हें ढूंढने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तब से उनका फोन भी बंद है। कोई नहीं जानता कि वह कहां है।’
पुलिस ने कहा कि विशाल ठक्कर को आखिरी बार 1 जनवरी को सुबह करीब 11:45 बजे देखा गया था जब वह अंधेरी की ओर जाने के लिए ऑटो रिक्शा ले रहे थे। वहां उन्हें शूट के लिए जाना था। उनके आखिरी कॉल डेटा रिकॉर्ड ने भी उन्हें घोड़बंदर रोड के आसपास ही बताया, जिसके बाद जांच मुलुंड पुलिस स्टेशन से कासारवडवली पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई।

1 जनवरी को दोपहर करीब 12:10 बजे, विशाल ने फेसबुक पर नए साल की बधाई पोस्ट की। यह उनकी आखिरी सोशल मीडिया एक्टिविटी थी। उसके तुरंत बाद उनका फोन बंद हो गया और 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, वह फिर कभी ऑन नहीं हुआ।
न तो कोई फिरौती का कॉल आया, न ही किसी अस्पताल ने उनके हुलिए से मिलते-जुलते किसी अज्ञात व्यक्ति की सूचना दी और न ही उनका फोन कभी मिला। कथित तौर पर उनके बैंक अकाउंट में भी उनके गायब होने के बाद कोई हलचल नहीं दिखी, जिससे जांचकर्ताओं के पास यह पता लगाने के लिए बहुत कम सबूत बचे कि वह कहां गए थे।
मुलुंड पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने वाले पूर्व जांच अधिकारी महेंद्र पुरी ने कहा कि जांचकर्ताओं ने शुरू में इस संभावना पर गौर किया था कि विशाल की गर्लफ्रेंड इसमें शामिल हो सकती है। उन्होंने 2019 में इंडियन एक्सप्रेस को बताया था, ‘शुरुआत में हमें गर्लफ्रेंड पर शक था। लेकिन उसके बयान में कोई गड़बड़ी नहीं थी।’
इंस्पेक्टर एन ए कुलकर्णी ने जांच के बारे में अनिश्चितता को बताते हुए कहा, ‘हमें नहीं पता कि यह मर्डर है या किडनैपिंग है या वह भाग गया है।’
गायब होने से कुछ महीने पहले…
विशाल ठक्कर के लापता होने से तीन महीने पहले वह एक विवाद में फंस गए थे, जिसके बारे में उनके परिवार का मानना था कि इसका उन पर गहरा असर पड़ा होगा। अक्टूबर 2015 में उनकी गर्लफ्रेंड, जो खुद भी एक टेलीविजन एक्ट्रेस थीं, ने उन पर रेप और मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। विशाल के परिवार ने कहा कि बाद में यह विवाद सुलझ गया था और शिकायत वापस ले ली गई थी।
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए विशाल की मां ने याद किया कि कैसे अचानक स्थिति बिगड़ गई थी। दुर्गा ने कहा, ‘वह अक्सर हमारे घर आती थी। एक दिन वे साथ थे और अगले दिन वह पुलिस लेकर मेरे दरवाजे पर आ गई।’ उनके मुताबिक, आखिरकार दोनों के बीच विवाद सुलझ गया था। उन्होंने कहा, ‘यह एक छोटा-सा झगड़ा था। बाद में दोनों ने इसे सुलझा लिया।’

विशाल ठक्कर के परिवार का मानना था कि इस घटना ने उन पर भावनात्मक रूप से असर डाला था। दुर्गा ने अखबार को बताया, ‘वह मम्माज बॉय था। वह हमारी झेली बेइज्जती को बर्दाश्त नहीं कर सका।’ पुलिस ने उस समय यह भी कहा था कि शिकायत के बाद विशाल के एक्टिंग करियर को नुकसान पहुंचा था और वह इसलिए डिप्रेशन में था, क्योंकि उसे ठीक से काम नहीं मिल रहा था।
शिकायत दर्ज कराने वाली महिला से जुड़ी एक और दुखद घटना भी हुई। 2019 की इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट से आठ महीने पहले वह अपने कांदिवली स्थित फ्लैट में मृत पाई गईं। उस समय की रिपोर्ट्स में संभावित हार्ट अटैक की बात कही गई थी।
यह भी पढ़ें: प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में एक्स बॉयफ्रेंड राहुल राज हुए आरोपमुक्त, 10 साल बाद कोर्ट ने किया डिस्चार्ज
मुन्ना भाई से मिली पहचान
‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में विशाल की मौजूदगी ने उन्हें पहचान तो दिलाई, लेकिन उनका करियर उस सात मिनट की मौजूदगी से कहीं ज्यादा था। वह ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ से पहले मधुर भंडारकर की ‘चांदनी बार’ में भी नजर आ चुके थे। इसके बाद वह ‘तुम: ए डेंजरस ऑब्सेशन’ और ‘टैंगो चार्ली’ में नजर आए।
टेलीविजन ने उन्हें और भी कई तरह के मौके दिए। उनके क्रेडिट्स में ‘आहट’, ‘किस देश में है मेरा दिल’, ‘कहानी हमारे महाभारत की’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘अदालत’, ‘धर्मक्षेत्र’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘थपकी प्यार की’ जैसे शो शामिल हैं।
जया भट्टाचार्य ने किया था खुलासा
स्पॉटबॉय के साथ 2019 के एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य ने विशाल के बारे में बात की थी। उन्होंने याद किया था कि लापता होने से पहले के समय में विशाल परेशान दिख रहे थे। दोनों ने ‘थपकी प्यार की’ टीवी शो में साथ काम किया था।
उन्होंने कहा कि वह विशाल से ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में उनके चाइल्ड-एक्टर वाले दिनों के दौरान मिली थीं। सालों बाद जब उन्होंने ‘थपकी प्यार की’ में साथ काम किया, तो विशाल ही थे जिन्होंने उन्हें उनके पहले के जुड़ाव की याद दिलाई। उन्होंने कहा था, ‘वह परेशान था लेकिन मुझे इस बात का दुख है कि हम अभी भी उसे ढूंढ नहीं पाए हैं।’
जया भट्टाचार्य ने लंच ब्रेक के दौरान हुई उनकी बातचीत को भी याद किया और कहा कि विशाल ठक्कर अक्सर आकर उनसे बात करते थे। उन्होंने कहा, ‘वह बहुत बातें करता था, सच में।’ उन्होंने यह भी कहा कि काश विशाल ने अपने अंदर चल रही बातों के बारे में और खुलकर बताया होता, तो शायद वह उनकी मदद कर पातीं।
यह भी पढ़ें: सुनीता आहूजा ने कश्मीरा शाह को दिया ‘पावरफुल बहू’ का टैग, गोविंदा संग विवाद में किया था मामी का सपोर्ट
कोई सफलता नहीं मिली
2019 तक विशाल ठक्कर की गुमशुदगी का केस कांस्टेबल राजेश पांडे ने संभाला था, जो मुंबई में सैकड़ों लापता लोगों का पता लगाने के लिए जाने जाते थे। पांडे ने उनके बारे में कोई सुराग पाने की कोशिश में रेलवे अधिकारियों, अस्पतालों और पुलिस कर्मियों से जुड़े एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के जरिए विशाल की तस्वीर फैलाई। लेकिन इस कोशिश से कोई सफलता नहीं मिली। उस समय पांडे ने कहा था, ‘अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।’
विशाल ठक्कर के लापता होने के 10 साल से भी ज्यादा समय बाद, अभी भी उनके ठिकाने के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। पुलिस और लापता लोगों को ढूंढने वाले नेटवर्क द्वारा उनका पता लगाने के प्रयासों के बावजूद, उनका पता अभी भी नही चला है।
