मुंबई पुलिस ने सोमवार, 7 सितंबर को मुंबई के बांद्रा में स्थित आइकॉनिक गेटी गैलेक्सी थिएटर को बंद कर दिया। इसका कारण थिएटर के लाइसेंस का दोबारा नवीनीकरण न होना बताया गया है। थिएटर तब से बंद पड़ा हुआ है।

हालांकि ये दिक्कत शुरू तब हुई थी जब एक राजनैतिक संगठन से कुछ लोगों ने थिएटर पहुंचकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि वहां फिल्म ‘हनुमान अंश’ नहीं दिखाई जा रही। इन लोगों ने कथित तौर पर फिल्म ‘मिर्जापुर’ के पोस्टर भी फाड़ डाले, जो अभी गेटी गैलेक्सी में चल रही है।

इस हंगामे के बाद पुलिस को बुलाया गया। उन्होंने थिएटर के सभी डॉक्यूमेंट्स को चेक किया और पाया कि उनमें कुछ दिक्कतें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को पता चला कि थिएटर का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ है और उन्होंने थिएटर को तुरंत शोज बंद करने का आदेश दिया।

मुंबई के गेटी गैलेक्सी में आखिर क्या हुआ था?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ता गेटी गैलेक्सी पहुंचे थे। इसे जी7 मल्टीप्लेक्सेज के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की स्क्रीनिंग थिएटर में न होने को लेकर हंगामा मचाया। कथित रूप से बहस होने के बाद इन लोगों ने थिएटर में चल रही फिल्म ‘मिर्जापुर’ के पोस्टर फाड़ डाले।

मामला तब और बढ़ गया जब पुलिस को बुलाया गया और लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। बाद में जब पुलिस ने थिएटर के डॉक्यूमेंट्स चेक किए तो उन्हें पता चल कि थिएटर ने 2021-22 के बाद से अपना लाइसेंस ही रिन्यू नहीं करवाया है। ऐसे में थिएटर मैनेजमेंट से तुरंत सभी शो रोकने को कहा गया और इसे बंद कर दिया गया।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा, ‘थिएटर के पास वैध लाइसेंस न होने के चलते हमने मैनेजमेंट को तुरंत बंद करने का आदेश दिया।’ एक और अधिकारी ने बताया, ‘सभी थिएटर्स को चलने के लिए एंटरटेनमेंट लाइसेंस की जरूरत होती है। ये मुंबई पुलिस के हेडकॉर्टर से मिलता है। गेटी गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था, इसलिए उन्हें नोटिस भेजा गया।

खबरों के मुताबिक, थिएटर की बाहरी दीवारों पर 12 नोटिस लगाए गए हैं, जिनमें इसके बंद होने ऐलान किया गया है। इसे लेकर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हम सिर्फ फॉर्मल नोटिस थिएटर को दिया है। हमने ये नोटिस दीवारों पर नहीं लगाए। ये थिएटर मैनेजमेंट का काम है।’

जी7 मल्टीप्लेक्सेज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने भी इस मामले पर बात की है। उनका कहना है, ‘थिएटर की कुछ तारें जल गई थीं। हमें अपने शो दोबारा शुरू करने से पहले उन्हें ठीक करवाना होगा। हम नई तारें डलवा रहे हैं, और जब तक ये काम पूरा नहीं हो जाता, हमारा थिएटर बंद रहेगा। ये वक्त काफी खराब है, क्योंकि अभी अच्छी फिल्में चल रही हैं, लेकिन थिएटर का रख-रखाव अच्छा होना भी जरूरी है। हमने दोबारा थिएटर खोलने से पहले देखना होगा कि सबकुछ ठीक से चल रहा है। ये पूरी तरफ से तकनीकी शटडाउन है।’

थिएटर को हो रहा लाखों का नुकसान

इस पूरे मामले पर ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े की नजर भी हैं। उन्होंने कहा, ‘गेटी गैलेक्सी में लगभग 7 स्क्रीन्स हैं। तो उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा होगा। उनकी एक स्क्रीन, एक शो से लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये की कमाई करती है। इसमें थिएटर का हिस्सा 50 हजार रुपये होते है। तो आप एक दिन में एक स्क्रीन का ढाई लाख रुपये का नुकसान देख रहे हैं। 7 स्क्रीन के हिसाब से ये नुकसान एक दिन में लगभग 17 से 18 लाख रुपये का होगा। अगर थिएटर हफ्तेभर के लिए बंद रहता है तो एक करोड़ रुपये का नुकसान इसे होगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘थिएटर पर ये मुसीबत गलत वक्त पर भी आई है, क्योंकि सिनेमाघरों में अभी टॉक्सिक और मिर्जापुर जैसी फिल्में लगी हुई हैं। ये दोनों ही दर्शकों की भीड़ बटोरने वाली फिल्में हैं और गेटी इन्हीं फिल्मों के जरिए कमाई के लिए जाना जाता है। तो इसके मालिक को काफी जरूरी वक्त पर बिजनेस में नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।’