मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल एक बार फिर हाथीदांत से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। केरल वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभिनेता ने विभाग की ‘वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम’ के तहत अपने पास मौजूद 10 हाथी दांत और 13 आइवरी मूर्तियों होने की जानकारी दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब उनके खिलाफ वन्यजीव सामग्री के कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामले की सुनवाई अभी भी अदालत में जारी है।
मोहनलाल ने पहले दी थी चार दांतों की जानकारी
पीटीआई ने ट्वीट कर बताया कि कोच्चि में मलयट्टूर डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिस के अधिकारियों के अनुसार, मोहनलाल ने पहले सिर्फ चार हाथी दांत घोषित किए थे, लेकिन अब उन्होंने छह और दांतों की जानकारी दी है। इसके अलावा उन्होंने भगवान कृष्ण, भगवान राम और तिरुपति बालाजी समेत 13 आइवरी मूर्तियों का भी विवरण भी दिया है, जिनका कुल वजन लगभग 46 किलोग्राम बताया गया है।
अभिनेता का कहना है कि इनमें से अधिकांश हाथी दांत उन्हें विरासत में मिले या उपहार के रूप में प्राप्त हुए थे। वहीं, वन विभाग ने साफ किया है कि सभी हाथी दांत और आइवरी वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए DNA जांच और अन्य फॉरेंसिक प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाएगा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि घोषित वस्तुएं वास्तविक हैं और उनका रिकॉर्ड कानून के अनुरूप है।
कई सालों से विवाद का हिस्सा है ये मामला
बता दें कि यह मामला कई सालों से कानूनी विवाद का हिस्सा रहा है। साल 2025 में केरल हाईकोर्ट ने मोहनलाल को दिए गए हाथीदांत स्वामित्व प्रमाणपत्रों को अवैध करार दिया था। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा था कि यदि राज्य सरकार कानून के अनुसार नई प्रक्रिया लागू करती है, तो उसके तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद केरल सरकार ने वन्यजीव संरक्षण नियमों में बदलाव करते हुए एक बार की एमनेस्टी योजना शुरू की।
इस स्कीम के तहत लोग अपने पास मौजूद वन्यजीव वस्तुओं की स्वेच्छा से जानकारी दे सकते हैं। जानकारों का मानना है कि यह मामला सिर्फ मोहनलाल तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों के पालन और हाथीदांत जैसी वस्तुओं के स्वामित्व से जुड़े नियमों से भी जुड़ा है। अब सभी की नजर वन विभाग की जांच और अदालत में चल रही सुनवाई पर है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।
