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याकूब मेमन पर तीखी प्रतिक्रियाओं के ‘फंदे’ में सलमान

याकूब मेमन की सजा को लेकर सलमान खान के ट्वीट पर रविवार को तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। भाजपा ने इसके खिलाफ जहां रोष जाहिर किया वहीं वामपंथी पार्टियों सहित कुछ अन्य ने फांसी की सजा का विरोध किया..

Author July 27, 2015 10:24 AM
याकूब मेमन के समर्थन में आए सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान के पोस्टर पर अपना गुस्सा निकालते शिवसेना के कार्यकर्ता। (पीटीआई फोटो)

याकूब मेमन की सजा को लेकर सलमान खान के ट्वीट पर रविवार को तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। भाजपा ने इसके खिलाफ जहां रोष जाहिर किया वहीं वामपंथी पार्टियों सहित कुछ अन्य ने फांसी की सजा का विरोध किया।

कांग्रेस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी को कानून का पालन करना चाहिए जबकि शिवसेना ने कहा कि सलमान की टिप्पणी को नजरअंदाज किया जाना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा, ‘किसी भी विचार से षड्यंत्रकर्ता या सरगना को बरी नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला दिया है और हममें से कोई भी इस स्थिति में नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फैसले को कमतर करके आंके’।

महानगर से पार्टी के सांसद किरीट सोमैया ने मांग की कि सलमान को देश से माफी मांगनी चाहिए और कहा कि वे मुद्दे को संसद में उठाएंगे। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आरोप लगाया कि सलमान खान की टिप्पणी आतंकवाद को उकसाने और 1993 के मुंबई सिलसिलेवार विस्फोटों में अपने परिजन को खोने वालों के जख्म पर नमक छिड़कने जैसा है।

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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला आ गया है और हम सभी को कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद की कोई जाति या धर्म या संप्रदाय नहीं होता। आतंकवाद में जो भी शामिल हो हिंदू, मुसलिम, सिख या ईसाई उससे कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। मुझे नहीं मालूम कि याकूब मेमन ने आत्मसमर्पण किया था या गिरफ्तार हुआ था। लेकिन अदालत का फैसला आ गया है और हम सभी को कानून का पालन करना चाहिए’। मुंबई राकांपा के प्रमुख सचिव अहीर ने कहा, ‘सेलेब्रिटी होने के नाते सलमान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है लेकिन उन्हें राष्ट्रीय एकता और अदालत के आदेशों का सम्मान भी करना चाहिए’।

जद (एकी) नेता केसी त्यागी ने कहा कि सलमान भी अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘न्यायपालिका के खिलाफ जाति और धर्म आधारित सभी आरोपों की मैं निंदा करता हूं। मेरा मानना है कि जाति और धर्म से परे याकूब मेमन, राजीव गांधी और बेअंत सिंह के हत्यारों को भी जाति, धर्म, भाषा से ऊपर उठकर फांसी पर लटकाया जाना चाहिए’।

शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों को ज्यादा महत्त्व नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर हम लोगों के ट्वीट पर गौर करने लगे तो कुछ नहीं होगा। इस तरह की टिप्पणियों को नजरअंदाज करना बेहतर होगा क्योंकि ट्वीट से अगर न्यायिक फैसले तय होने लगे तो फिर सुप्रीम कोर्ट जाने का क्या अर्थ है?’

वहीं भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि वे फांसी की सजा के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, ‘अपराध का दंड मिलना चाहिए लेकिन मौत की सजा देकर नहीं’। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, ‘एक अहम सवाल है-क्या वह (मेमन) किसी समझौते के तहत पाकिस्तान से लौटा और अगर वह लौटा तो क्या इसका खुलासा हुआ?’

राकांपा के माजिद मेमन ने इस मुद्दे को उठाने के लिए सलमान की प्रशंसा की। मामले में बचाव पक्ष रहे सांसद ने कहा, ‘इस भयावद घटना के 22 सालों बाद हम अब भी टाइगर मेमन या अन्य फरार लोगों का पता नहीं लगा पाए। सलमान के ट्वीट के इस हिस्से की प्रशंसा होनी चाहिए और सलमान की अपील को मैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के समक्ष दोहराता हूं’।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने भी याकूब का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में न्याय का उपहास हुआ है।

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