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#MeToo: फिल्म प्रोड्यूसर विकास बहल ने कश्यप, मोटवानी के खिलाफ ठोका 10 करोड़ की मानहानि का केस

फैंटम फिल्म्स की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे फिल्म निर्माता विकास बहल ने इस प्रोडक्शन हाउस में अपने पूर्व साझेदारों अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी के खिलाफ 10 करोड़ रूपये की मानहानि का एक मामला दर्ज कराया है।

Author October 18, 2018 1:47 PM
कंगना रनौत अभिनीत फिल्म ‘‘क्वीन’’ के निर्देशक बहल ने अदालत से उनके खिलाफ मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई भी और बयान देने से कश्यप और मोटवानी को रोकने संबंधी अंतरिम निर्देश दिये जाने का भी आग्रह किया है।

फैंटम फिल्म्स की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे फिल्म निर्माता विकास बहल ने इस प्रोडक्शन हाउस में अपने पूर्व साझेदारों अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी के खिलाफ 10 करोड़ रूपये की मानहानि का एक मामला दर्ज कराया है। बम्बई उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई के दौरान बहल को निर्देश दिया कि वह महिला कर्मचारी को मामले में एक प्रतिवादी बनाए। इस मामले में अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 19 अक्टूबर तय की है। कंगना रनौत अभिनीत फिल्म ‘‘क्वीन’’ के निर्देशक बहल ने अदालत से उनके खिलाफ मीडिया या सोशल मीडिया पर कोई भी और बयान देने से कश्यप और मोटवानी को रोकने संबंधी अंतरिम निर्देश दिये जाने का भी आग्रह किया है। मंगलवार को दर्ज कराये गये मामले में आरोप लगाया गया है कि कश्यप और मोटवानी ने उनके खिलाफ ‘‘अपमानजनक, मिथ्या और आधारहीन आरोप’’ लगाये है जिस वजह से उनकी छवि को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

उन्होंने कश्यप और मोटवानी से 10 करोड़ रूपये के हर्जाने की मांग की है। अंतरिम आदेश के लिये बहल की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एस जे कथावाला ने पूछा कि क्या पक्ष आपसी सहमति से मामले को सुलझाने पर विचार करेंगे। उन्होंने वकीलों से पूछा, ‘‘क्या इस मामले को खत्म करने का कोई तरीका है? कृपया देखिये कि क्या पक्ष ऐसा करने को इच्छुक हैं।’’ अदालत ने बहल को निर्देश दिया कि वह अपने आवेदन में उस महिला को भी प्रतिवादी बनाएं जिसने उन पर आरोप लगाया है। अदालत ने कहा कि उससे सुनना भी वाजिब होगा।

न्यायमूर्ति कथावाला ने बहल, कश्यप, मोटवानी और महिला को निर्देश दिया कि वे शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से उनके कक्ष में उपस्थित हों, जब मामले पर सुनवाई होगी। उन्होंने अपने पूर्व साझेदारों को अवसरवादी बताया और उन्होंने उनको इस तरह दिखाया कि इस प्रोडक्शन हाउस के बंद होने के लिए वहीं जिम्मेदार है। फैंटम फिल्म्स की स्थापना 2011 में कश्यप, मोटवानी, बहल तथा निर्माता मधु मंटेना ने की थी। कंपनी द्वारा बनाई गई फिल्मों में ‘‘लुटेरा’’, ‘‘हंसी तो फंसी’’ और ‘‘क्वीन’’ शामिल हैं। मी टू अभियान के बीच फैंटम फिल्म्स की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा बहल का नाम लिये जाने के तुरन्त बाद कश्यप और मोटवानी ने इस प्रोडक्शन हाउस को भंग करने का फैसला किया था।

एक अज्ञात महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि बहल ने 2015 में ‘‘बाम्बे वेलवेट’’ फिल्म के प्रोमोशनल टूर के दौरान गोवा में उसका यौन उत्पीड़न किया था। बहल ने इस महीने की शुरूआत में कश्यप और मोटवानी को कानूनी नोटिस जारी करके उन्हें चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने अपने मैसेज (सोशल मीडिया पर) वापस नहीं लिये और बिना शर्त माफी नहीं मांगी तो वह उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि के मामले दर्ज करायेंगे।

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