‘मैरी कॉम’ जैसी फिल्मों में दमदार रोल निभा चुके नेपाली एक्टर सुनील थापा का 68 साल की उम्र में निधन हो गया है। अपनी दमदार अभिनय और सिनेमा जगत में दशकों के योगदान के लिए मशहूर सुनील थापा का निधन 7 फरवरी, 2026 को काठमांडू के थापाथली स्थित नॉर्विक अस्पताल में हुआ। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों का मानना है कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हुई है, हालांकि आधिकारिक चिकित्सा रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
नेपाल के डांग में जन्मे सुनील थापा ने सिनेमा की दुनिया में ऐसा सफर तय किया, जो मेहनत, निरंतरता और प्रतिभा की मिसाल बन गया। चार दशक से भी ज़्यादा लंबे करियर में उन्होंने नेपाली सिनेमा को नई पहचान दी और खुद को उसके सबसे चर्चित और भरोसेमंद चेहरों में स्थापित किया। अभिनय की शुरुआत उन्होंने 1981 में हिंदी फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से की और शुरुआती वर्षों में कुछ बॉलीवुड फिल्मों में भी नज़र आए, लेकिन उनकी असली उड़ान नेपाली फिल्मों के साथ ही हुई।
नेपाली सिनेमा में थापा ने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और हर तरह के किरदारों को पूरी शिद्दत से निभाया। चाहे नायक की भूमिका हो या खलनायक की, उनकी मौजूदगी पर्दे पर अलग ही असर छोड़ती थी। फिल्म ‘चिनो’ में निभाया गया उनका किरदार “रेटे कैला” आज भी दर्शकों को याद है—एक ऐसा रोल जिसने नेपाली फिल्मों में विलेन की परिभाषा को ही बदल दिया। उनकी अभिनय शैली में गहराई, सख़्ती और मानवीय भावनाओं का अनोखा संतुलन दिखता था।
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थापा की प्रतिभा सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रही। भारतीय सिनेमा में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। फिल्म ‘मैरी कॉम’ में बॉक्सर की कोच की भूमिका निभाकर उन्होंने व्यापक दर्शक वर्ग का ध्यान खींचा और यह साबित किया कि वह एक मज़बूत और भरोसेमंद कैरेक्टर अभिनेता हैं। भाषा और सीमाओं से परे, थापा का योगदान उन्हें नेपाली सिनेमा का एक ऐसा स्तंभ बनाता है, जिसकी विरासत आने वाले समय तक याद की जाएगी।
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