नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच गीतकार मनोज मुंतशिर ने कहा है कि वह इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वे उन लोगों के साथ खड़े नहीं होना चाहते जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि वह कथित नीट पेपर लीक का बचाव नहीं कर रहे हैं और दोषियों से जवाबदेही की मांग करते हैं।
टाइम्स नाउ से बात करते हुए मुंतशिर ने कहा, “मैं कभी जंतर मंतर नहीं जाऊंगा। इसलिए नहीं जाऊंगा, क्योंकि वहां जिन लोगों के साथ खड़ा होना पड़ेगा, उनके साथ खड़े होकर मुझे अच्छा नहीं लगेगा। इस देश के युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी से बेहतर लोग मिलने चाहिए। दुनिया में कौन कह सकता है कि नीट पेपर लीक अच्छा हुआ, कोई नहीं कह सकता। ये गलत हुआ, एक बच्चे की भी अगर जान गई है तो पूरे सिस्टम की जवाबदेही है।
इनको मैं देशद्रोही कह रहा हूं: मनोज
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा, “लेकिन इस पर बात हो रही है क्या जंतर-मंतर में, स्पीच में भी सुन रहा हूं। कौन लोग आ रहे हैं वो भी मैं देख रहा हूं। भारत तेरे टुकड़े वाले लोग आ रहे हैं, कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। बड़ी जिम्मेदारी से इनको मैं देशद्रोही कह रहा हूं। हमारे प्रभु श्री राम को सीता का पति… इतना अपमानजनक।”
यूजर्स ने दिलाई आदिपुरुष विवाद की याद
बता दें कि यह इंटरव्यू अभी टेलीकास्ट नहीं हुआ। फिलहाल बस इसका प्रोमो सामने आया है और इसे देखने के बाद अब कुछ यूजर्स ने मनोज मुंतशिर को आदिपुरुष विवाद की याद दिलाई। एक शख्स ने लिखा, “जिम्मेदारी के साथ तो इन्होंने आदिपुरुष के डायलॉग भी लिखे थे।” दूसरे ने लिखा, “रामायण जैसी कहानी इससे बेहतर लेखक की हकदार थी।” एक अन्य यूजर ने कहा, “जो व्यक्ति आदिपुरुष के संवाद लिख चुका है और बाद में उनका बचाव भी कर चुका है, वही आज भगवान राम के संदर्भ पर आपत्ति जता रहा है।”
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर चल रहा यह आंदोलन तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। वह 21 दिन तक उपवास पर रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
वांगचुक और हजारों छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शिक्षा सुधार और कथित तौर पर नीट पेपर लीक विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान इस सप्ताह छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस मार्च में अभिनेता शबाना आजमी और प्रकाश राज भी शामिल हुए, जबकि कई अन्य कलाकारों ने सोशल मीडिया पर समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और टेंट हटाने जैसी कार्रवाई की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर लौट आए हैं और सरकार की ओर से औपचारिक जवाब मिलने तक शांतिपूर्ण धरना जारी रखे हुए हैं।
