देशभर में UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) बिल 2026 के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अब इस मुद्दे पर तमाम लोगों ने अपनी राय रखी है। कवि कुमार विश्वास, लोकगायिका नेहा सिंह राठौर के अलावा मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी इस बिल पर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस बिल को ‘काला कानून’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे वापस लेने की अपील की है।

मनोज मुंतशिर ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा,“अगर किसी बाग़ में कोई पौधा छोटा रह गया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि सुरक्षा और समानता के नाम पर दूसरे पौधों को ऊपर से काट दिया जाए। अतीत का पन्ना बंद हो चुका है। हम 21वीं सदी में जी रहे हैं, और यह सदी जातियों की विदाई का समय है।”

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वो यहीं नहीं रुके, इसके आगे मनोज मुंतशिर ने कहा, “मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से माननीय प्रधानमंत्री से विनम्र निवेदन करता हूं कि आप हम सभी के लिए पिता समान हैं। एक बच्चे से कुछ करवाने के लिए दूसरे बच्चे को बेवजह थप्पड़ मत मारिए। आपके स्नेह और प्रेम पर हम सभी का समान अधिकार है। कृपया UGC के इस काले कानून को वापस ले लीजिए। हमारी एकता को कमजोर होने से बचाइए। अगर इस देश में जातियां जीत गईं, तो भारत हार जाएगा।”

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सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक तो गीतकार ने कहा धन्यवाद

इस नए नियम पर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि जाति संबंधी नियम स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञ को भाषा और स्पष्ट करने को कहा गया है। फिलहाल यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में 2012 के पुराने रेगुलेशंस ही लागू रहेंगे। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। इसके लिए मनोज मुंतशिर ने एक्स पर लिखा, “माननीय सर्वोच्च न्यायालय को हृदय से आभार।”

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क्या है UGC कानून?

दरअसल UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) ने हाल ही में एक नया बिल पास किया है, जिसके तहत हर सरकारी और निजी विश्वविद्यालय व कॉलेज में पिछड़ा वर्ग (Backward Classes) के लोगों के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। यह समिति छात्रों के साथ होने वाले जातिवाद और नस्लवाद को रोकने के लिए काम करेगी और प्रभावित छात्र यहां शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हालांकि, इस समिति के दायरे से जनरल कोटा को बाहर रखा गया है, जिसको लेकर देशभर में नाराज़गी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में जनरल कोटा के छात्र इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की समिति का दुरुपयोग भी हो सकता है, जिससे उनके साथ अन्याय होने का डर है।