1990 के दशक में ममता कुलकर्णी हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक थीं। हालांकि अब वो फिल्मों से दूर हैं और भक्ति में अपना ध्यान लगा चुकी हैं। हाल ही में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे उन्हीं के गाने पर परफॉर्म करने को कहा गया तो उन्होंने जो जवाब दिया उसने सबको हैरान कर दिया।
दरअसल ममता मुंबई में दही हांडी कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, जहां उन्हें उन्हीं की फिल्म ‘करण अर्जुन’ गाने ‘मुझको राणाजी माफ करना’ पर परफॉर्म करने के लिए कहा गया। मगर इससे इनकार करते हुए ममता ने कहा, “ये मुझे ‘मुझको राणाजी माफ करना’ पर परफॉर्म करने को कह रहे हैं, लेकिन वो ममता कुलकर्णी तो कब की मर चुकी है।”
ममता ने ही गाने पर परफॉर्म करने से इनकार करते हुए कहा कि वो कार्यक्रम की शुरुआत किसी भक्ति गीत से करना पसंद करेंगी। उन्होंने आगे कहा, “सबसे पहले श्री गणेशाय नमः। मैं गणपति का एक भक्ति गीत गाऊंगी, क्योंकि गणपति जल्द ही आने वाले हैं।” उनका ये वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी तारीफ भी कर रहे हैं।
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ममता कुलकर्णी को उनके बोल्ड अंदाज के लिए जाना जाता था। ‘मुझको राणाजी माफ करना’ ममता कुलकर्णी के फिल्मी करियर से जुड़े सबसे चर्चित गानों में से एक है।
बता दें कि ममता कुलकर्णी ने बताया था कि उन्होंने साल 2000 में अपनी तपस्या शुरू की थी। वह फिल्मों से दूर होती गईं और धीरे-धीरे आध्यात्म की ओर बढ़ीं। वो कह चुकी हैं कि उन्होंने करीब 23-25 साल तक तपस्या की है।
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2025 के महाकुंभ में प्रयागराज पहुंचकर उन्होंने संन्यास लिया था। संगम पर पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर ‘माई ममता नंद गिरि’ नाम अपनाया था और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भी बनी थीं। ममता के मुताबिक, उन्होंने संन्यास किसी परेशानी के कारण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करने के लिए लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
