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Mahabharat Episode 9 April 2020 Updates: महाराज धृतराष्ट्र पड़े धर्मसंकट में, हस्तिनापुर के युवराज को लेकर शुरू हुई धर्मचर्चा

Mahabharat Episode 9 April 2020, Updates: महाभारत में कौरवों और पांडवों में युद्ध की परिस्थिति अभी से बनने लगी है। महाराज धृतराष्ट्र हस्तिनापुर के युवराज को लेकर धर्मसंकट में पड़ चुके हैं। जहां एक ओर...

कुंती पुत्र कर्ण ने शस्त्र विद्या सीखने की जताई इच्छा।

Mahabharat Episode 9 April 2020, Updates: महाभारत में कौरवों और पांडवों में युद्ध की परिस्थिति अभी से बनने लगी है। महाराज धृतराष्ट्र हस्तिनापुर के युवराज को लेकर धर्मसंकट में पड़ चुके हैं। जहां एक ओर उनका पुत्र दुर्योधन है वहीं दूसरी तरफ उनका प्रिय युधिष्ठिर है। ज्यादातर लोग युधिष्ठिर को युवराज बनाने के पक्ष में हैं लेकिन धृतराष्ट्र चाहता है कि उसके पुत्र के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।

वहीं बीते एपिसोड में दिखाया गया था कि रंग भूमि का आयोजन हुआ था। लेकिन दुर्योधन के गुस्से ने उसे रणभूमि जैसा बना दिया। हालांकि अनर्थ होते होते बचा। सूर्यपुत्र कर्ण आए और उन्होंने अर्जुन को ललकारा। कर्ण ने आचार्य द्रोण से कहा कि ये हस्तिनापुर की प्रजा को निश्चय करने दीजिये कि सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारी कौन है। वो सबके समक्ष अर्जुन को युद्ध के लिए ललकारते हैं। कृपाचार्य उनसे कहते हैं कि ये राजकुमारों के लिए शक्ति प्रदर्शन की जगह है। वो कर्ण से उनका परिचय मांगते हैं। इधर, कुंती कर्ण को देखकर अचेत हो जाती हैं।

 

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Highlights

    19:55 (IST)09 Apr 2020
    कौन बनेगा युवराज?

    युवराज बनने को लेकर हस्तिनापुर में बहस शुरू हो चुकी है लेकिन कहीं न कहीं धृतराष्ट्र अपने पुत्र की ओर झुकता हुआ नजर आ रहा है। उसे लग रहा है कि मेरे अंधे होने की सजा मेरा पुत्र क्यों भुगते। ज्यादातर लोग महाराज से कह रहे हैं कि कुंती पुत्र युधिष्टर को युवराज बनाया जाए।

    19:44 (IST)09 Apr 2020
    शकुनी ने दुर्योधन को भड़काया

    शकुनी ने दुर्योधन को भड़काना शुरू कर दिया है। शकुनी अपने भांजे से कहता है कि तुम्हें अपने अधिकार के लिए लड़ना होगा जाओ और जाकर छीन लो अपना हक। शकुनी की बात सुनकर दुर्योधन काफी ज्यादा नाराज होता है और अपने पिता से कहता है कि वो बिल्कुल भी इस बात को नहीं सहेगा कि उसकी जगह उसके भाई को युवराज नियुक्त किया जाए।

    19:36 (IST)09 Apr 2020
    हस्तिनापुर को सता रहा है विद्रोह का डर

    हस्तिनापुर को विद्रोह का डर सता रहा है। इस बात की जानकारी खुद भीष्म पितामह ने महाराज को दी है। पितामह ने महाराज से कहा कि आप वक्त रहते ही इस पर गौर करें वर्ना बहुत ज्यादा देर हो जाएगी।

    19:33 (IST)09 Apr 2020
    विश्वकर्मा ने किया द्वारका का निर्माण

    विश्वकर्मा ने कृष्ण के कहने पर द्वारका का निर्माण कर दिया है। सभी मथुरा निवासी द्वारका चले गए हैं और वहां पर खुशी-खुशी अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

    19:24 (IST)09 Apr 2020
    जरासंघ को लेकर शुरू हुई बहस

    महाराज की सभा में सभी लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर जरासंघ बार-बार क्यों हमपर हमला कर रहा है। कृष्ण ने इसपर सभी से कहा कि हमें अब मथुरा क्षोड़ देना चाहिए तभी ये युद्ध की आग से बच पाएगा। कृष्ण की बातों से सभी लोग असहमत होते हुए नजर आ रहे हैं।

    19:22 (IST)09 Apr 2020
    मथुरा की हुई जीत

    वासुदेव कृष्ण और उनके भाई बलराम ने मथुरा को जीत दिला दी है। महाराज कृष्ण का शुक्रिया अदा कर रहे होते हैं लेकिन कृष्ण उनको रोककर कहते हैं कि कोई अपनी भूमि पर उपकार नहीं करता है महाराज।

    19:08 (IST)09 Apr 2020
    वासुदेव कृष्ण पहुंचे संदीपन मुनि के पास

    वासुदेव कृष्ण मुनि के पास पहुंचने के बाद उनको प्रणाम कर रहे हैं। लेकिन मुनि कृष्ण को वो पल याद दिला रहे हैं कि तुम्हारे कारण आज पूरी मथुरा नगरी को भुगतना पड़ रहा है।

    19:03 (IST)09 Apr 2020
    9 अप्रैल शाम 7 बजे का एपिसोड

    आज महाभारत का एपिसोड काफी दिलचस्प होने वाला है। आज से कर्ण और दुर्योधन की दोस्ती का नई कहानी लिखी जाएगी। 

    12:58 (IST)09 Apr 2020
    कंस वध किया श्रीकृष्ण ने भुगत रही मथुरा नगरी

    कंस वध किया श्रीकृष्ण ने भुगत रही मथुरा नगरी:श्री कृष्ण अब मधुरा वापसी की तैयारी कर रह है। इसके बाद वह हस्तिनापुर की ओर प्रस्थान करेंगे। जहां श्रीकृष्ण अर्जुन को गीता उपदेश देंगे।

    12:54 (IST)09 Apr 2020
    श्रीकृष्ण सुदामा से कहते हैं...

    श्री कृष्ण इधर देख रहे हैं और मन ही मन मुस्का रहे हैं कि अब अगला कदम क्या होना है। तभी कृष्ण के पास सुदामा आ पहुंचते हैं औऱ वह कहते हैं कि आप मुस्कुरा रहे हैं जाने से खुश हैं आप। मैं आपसे मथुरा मिलने आऊंगा आप भूलोंगे तो नहीं। ऐसे में श्रीकृष्ण कहते हैं कि ऐसा नहीं होगा। 

    12:45 (IST)09 Apr 2020
    द्रोण ने बताया कि क्यों लिया एकलव्य का अंगूठा..

    द्रोण ने बताया कि क्यों लिया एकलव्य का अंगूठा..: एकलव्य ब्राह्मण नहीं थे क्या इसलिए गुरुदेव ने उनके साथ ऐसा किया? नहीं खुद द्रोण बताते हैं -क्योंकि एकलव्य ने वह विद्या चुराई थी। इस वजह से उस विद्या पर उनका अधिकार नहीं था। इसलिए द्रोण ने उनसे वह अंगूठा मांग लियाजिससे उन्होंने धनुष चलाना था।

    12:39 (IST)09 Apr 2020
    कर्ण दुर्योधन की मित्रता..

    दुर्योधन ने कृपाचार्य को कर्ण के राज्याभिषेक करने के लिए कहा। इधर, कर्ण के पिता उनके स्वभाव को लेकर चिंतित हो रहे थे कि तभी उनको जानकारी मिली कि कर्ण को अंगदेश का राजा बना दिया गया है। इधर, कर्ण दुर्योधन से कहते हैं कि मैं सदैव हमारी मित्रता को सबसे ऊपर रखूंगा। इसके उपरांत, कर्ण और अर्जुन दोनों ही कुलगुरु से युद्ध की अनुमति मांगते हैं। इस बीच कर्ण और अर्जुन दोनों में ही वचनों के बाण चलने लगे।

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