‘भगवान दादा’ के जोरदार तमाचे से बिगड़ गया था ललिता पवार का चेहरा, सालों तक रही थीं पैरालाइज

एक्ट्रेस 9 साल की उम्र से कैमरा के आगे काम करती आई थीं। ऐसा नहीं था कि हमेशा से उन्हें निगेटिव किरदार निभाने को मिले। ललिता पवार ने कई सपोर्टिंग रोल्स भी किए तो वहीं एक जमाने में ललिता पवार मेन स्ट्रीम एक्ट्रेस हुआ करती थीं।

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लेजेंड एक्ट्रेस ललिता पवार (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

लेजेंड एक्ट्रेस ललिता पवार हिंदी सिनेमा में ज्यादातर निगेटव किरदार प्ले करने के लिए जानी जाती हैं। रामानंद की ‘रामायण’ में ‘मंथरा’ का किरदार निभा कर ललिता पवार ने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की थी। एक्ट्रेस 9 साल की उम्र से कैमरा के आगे काम करती आई थीं। ऐसा नहीं था कि हमेशा से उन्हें निगेटिव किरदार निभाने को मिले। ललिता पवार ने कई सपोर्टिंग रोल्स भी किए तो वहीं एक जमाने में ललिता पवार मेन स्ट्रीम एक्ट्रेस हुआ करती थीं।

जी हां, लेकिन एक घटना की वजह से उनकी जिंदगी ही पलट गई। उनका करियर अचानक रुक गया और फिर जब उन्होंने नए सिरे से शुरुआत की तो तब तक काफी कुछ बदल चुका था। दरअसल, ललिता पवार की जिंदगी में एक बहुत बड़ा हादसा हो गया था। ये हादसा फिल्म के सेट पर ही हुआ था।

साल 1913 में ललिता पवार ने 9 साल की उम्र में फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ में काम किया था। ये फिल्म भारत की पहली मूक फिल्म थी। ललिता पवार जैसे जैसे बड़ी हुईं उन्हें मेन लीड के तौर पर काम मिलने लगा। इसके बाद ललिता पवार बतौर फिल्म की हिरोइन काम करने लगीं। 1942 के बाद ललिता की किसी भी फिल्म में उनका चेहरा पहले से काफी अलग लगने लगा था। जिस वजह से उन्हें सपोर्टिंग रोल या निगेटिव किरदार करने को मिलने लगे।

ललिता की जिंदगी में जो हादसा हुआ था उसके बाद उनके चेहरे और एक तरफ की आंख पर प्रभाव पड़ा था। ललिता पवार की यह आंख शुरू से ऐसे नहीं थी, उनकी आंख काफी खूबसूरत थी। यह बात उस वक्त की है जब 1942 में ललिता एक फिल्म में काम कर रही थीं जिसका नाम था-‘ जंग-ए-आज़ादी’। उस समय ललिता की उम्र महज 26 साल थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक सीन में एक्टर भगवान दादा को ललिता पवार के गाल पर थप्पड़ मारना था।

मशहूर कलाकार भगवान दादा अपनी कला के लिए मशहूर थे। उनकी दमदार अदाकारी के लोग कायल थे। जब वह ललिता के साथ इस फिल्म के लिए सीन दे रहे थे तो वह काफी जज्बातों से भरे थे, फ्लो में उन्होंने जब ललिता पवार के गाल पर थप्पड़ जड़ा तो एक्ट्रेस को उनका ये थप्पड़ काफी मेहंगा पड़ गया। भगवान दादा ने ललिता को थप्पड़ इतनी तेज मारा था कि उनकी आंख की नसों को भी नुकसान हो गया था। थप्पड़ की वजह से ललिता पवार को फेशियल पैरालिसिस हो गया था।

तीन साल तक वह इस तकलीफ से जूझती रही थीं। इस दौरान वह ट्रीटमेंट ले रही थीं, वहीं उस वक्त ललिता को लगा कि अब उनका करियर खत्म हो चुका है। हालांकि उन्हें मेन रोल नहीं पर सपोर्टिंग रोल मिलने शुरू हो गए। इन रोल्स की बदौलत ही ललिता पवार ने इंडस्ट्री में अपनी नई पहचान बनाई।

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