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Kuppali Venkatappa Puttappa: कुवेम्पु के नॉवेल पर बनी फिल्म को मिला था बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

कुवेम्पु, Kuppali Venkatappa Puttappa: फिल्म रिलीज होने के बाद लोगों की इस उपन्यास में दिलचस्पी बढ़ गई थी, और इसकी 2000 प्रतियां रिप्रिंट की गई थीं।

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Kuppali Venkatappa Puttappa’s 113th Birthday: 29 दिसंबर, आज कन्नड़ भाषा के कवि कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा का 113वां जन्मदिन है। उनका जन्म 29 दिसंबर, 1904 में मैसूर के कोप्पा तालुक में हुआ था। कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल भी बनाया है। गद्य और पद्य दोनों ही विधाओं में अपनी लेखनी चलाने वाले कवि कुवेम्पु का पूरा नाम कुप्पली वेंकटप्पा पुटप्पा था, लेकिन हित्य जगत में इन्हें प्रसिद्धि कुवेम्पु के नाम से ही मिली। कुवेम्पु कन्नड भाषा के प्रखर समर्थक थे। इनका मानना था कि कर्नाटक में शिक्षा का माध्यम कन्नड भाषा ही होना चाहिए।

अगर उनकी रचनाओं पर फिल्मों की बात करें तो गिरीश कर्नाड ने कन्नड़ में उनपर एक फिल्म बनाई थी। गिरीश कर्नाड ने 1999 में ‘कनरू हेग्गाडिथी’ फिल्म बनाई थी जो कुवेम्पु के नॉवेल ‘कनरू सुबम्मा हेग्गाडिथी’ पर आधारित थी। फिल्म की कहानी आजादी से पहले के एक परिवार की थी। इस फिल्म ने 2000 में कन्नड़ की बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता था। दिलचस्प बात यह कै कि फिल्म रिलीज होने के बाद लोगों की इस उपन्यास में दिलचस्पी बढ़ गई थी, और इसकी 2000 प्रतियां रिप्रिंट की गई थीं।

Kuppali Venkatappa Puttappa’s 113th Birthday: मशहूर कन्नड रचनाकार कुवेम्पु को गूगल ने किया याद, Doodle बनाकर दी श्रद्धांजलि

कुवेम्पु को रामायण को नए सिरे से व्याख्यायित करने के लिए खास तौर से जाना जाता है। उन्होंने अपनी किताब ‘श्री रामायण दर्शनम’ में रामायण को आधुनिक नजरिये से पेश किया, जिसे काफी पसंद भी किया गया था। उन्हें 1988 में पद्मविभूषण से नवाजा गया था। उन्होंने कर्नाटक राज्य गीत ‘जय भारत’ की रचना की थी।सरकार ने इनके योगदान को सम्मान दिया और इन्हें केन्द्र सरकार ने ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा ने राज्य सरकार ने उन्हें 1958 में राष्ट्रकवि के सम्मान से नवाजा। 1992 में कर्नाटक सरकार ने उन्हें कर्नाटक रत्न का सम्मान दिया। 89 साल की उम्र  में कवि कुवेम्पु ने 1 नवंबर 1994 को आखिरी सांस ली थी।

Kuppali Venkatappa Puttappa: इनके नॉवेल पर बनी थी मशहूर कन्नड़ फिल्म, जानिए कौन थे कुवेम्पु?

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