ताज़ा खबर
 

कुछ रंग प्यार के ऐसे भी में हो गई सोनाक्षी और देव की शादी

Kuch Rang Pyar Ke Aise Bhi Full Episode: देव की दादी के थोड़े ड्रामे के बाद भी सोनाक्षी और देव काी शादी हो जाती है। सोना के घर के कुछ गेस्ट उसके सामानों के साथ मछलियां भी पैक करके उसके ससुराल भिजवा देते हैं। देव के घर वाले ये देखकर वहुत नाराज होते हैं।

Author नई दिल्ली | October 1, 2016 9:42 AM

कुछ रंग प्यार के से भी के 30 सितंबर के महाएपिसोड में सोनाक्षी के घर पर शादी की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। देव की फैमिली शादी की मंडप देख कर काफी खुश होते हैं और तारीफ भी करते हैं। देव की बहनें, सोनाक्षी को देखने के लिए बेचैन हैं उसे लहंगे में देखना चाहती हैं। तिलक की रस्म हो जाने के बाद ईश्वरी बोलती है कि अगर उनकी रस्म हो गई हो तो उन्हें भी सोनाक्षी के साथ एक रस्म करनी है। तभी सोनाक्षी आ जाती है। देव की दादी उसे वहीं रोक देती है और बोलती है कि ईश्वरी का भेजा हुआ जोड़ा क्यों नहीं पहना। ये घोर कलयुग है। देव के पापा बोलते हैं कि हमारे यहां ऐसा कल्चर है कि बनारसी जोड़े में ही शादी होती है। वो बोलते हैं कि उन्हें अपने कल्चर पर गर्व है। सोनाक्षी की मम्मी बोलती है कि हमें पता नहीं था कि इस वक्त उसे ये जोड़ा पहनना है। सोनाक्षी के हाथ में मेंहदी ना लगाने पर भी वो लोग काफी शिकायत करते हैं। सोना की मम्मी बोलती हैं कि उनके यहां ससुराल से भेजे हुए जोड़े को जाते वक्त बेटी कंधे पर रखते हैं और उसे ये एहसास कराते हैं कि अब उसके उपर एक नहीं बल्कि दो-दो परिवारों की जिम्मेदारी है। फिर बाद में सभी इस बात पर मान जाते हैं कि आखिर में दोनों बच्चों की खुशी मायने रखती है। शगुन की रस्म शुरू होती है। दादी सोना को आशीर्वाद देती है कि उसने जैसी बहु चाही वैसी तो नहीं है लेकिन काफी खूबसूरत है। वो सोनाक्षी को शगुन में कंगन देती है।

krpkab-30-2

तभी पंडित जी सोनाक्षी को मुहूर्त पर बुलाते हैं। इधर देव भी वहां आता है। सोनाक्षी के परिवार की औरतें अपने बंगाली कल्चर में आवाजें निकालती हैं ये सुन कर देव के परिवार वाले काफी बुरा भला कहते हैं। दोनों का वरमाला के लिए स्टेज पर आते हैं। वरमाला के बाद शादी के मंडप में सोनाक्षी के पापा अपनी बेटी का कन्यादान करते हैं। वो कहते हैं कि सोना कोई सामान नहीं है जिसे वो दान करेंगे उनकी बेटी उनका गुरूर है। इस पर दादी कहती है कि ये रीति रिवाज है, अब उसकी शादी होने जा रही है। और अब वो हमारे घर की होने वाली है। इस पर ईश्वरी बोलती है कि सोना के पापा सही कह रहे हैं। वो अपने घर की हमेशा रहेगी। हम उसे इनकी अमानत के तौर पर ले  रहे हैं और ये भी हमारी बेटियों की तरह ही रहेंगी। खाने के मेन्यू में सोना के यहां मांसाहारी मेन्यु देखकर देव की दादी ईश्वरी पर काफी गुस्सा करती है कि उसने इस बात का ध्यान क्यों नहीं रखा। उनके यहां के गेस्ट बिना खाना खाए जाने लगे इस पर दादी ने कहा कि उसे शर्म आती है ब्राह्म्ण होते हुए भी उसने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दोनों के फेरे भी हो जाते हैं। शादी होने के बाद दोनों बड़ों से आशीर्वाद लेते हैं। ईश्वरी गृहप्रवेश का कहकर जाने की बात कहती है। सोना के घरवाले उसकी की विदाई करते हैं। सोना के साथ जाने वाले सामानों में उसके घर वाले मछली भी रख कर गाड़ी में लोड करवा देते हैं। देव के घर पर ने जोड़े का गृह प्रवेश होता है। सभी उन दोनों का घर पर स्वागत करते हैं। इधर सोना के घर से आए सामान को देव के घर पर हॉल में रखवा दिया जाता है। देव की मामी सोना के यहां से आए सामानों को चेक करने जाती है। तभी वहां मछली को दखकर चिल्लाने लगती है। सभी वहां आ जाते हैं और तरह तरह की बाते करते हैं। ईश्वरी सोना से बोलती है कि उसने उसके घर पर कुछ नहीं बोला लेकिन अपने घर पर मांस मछली उससे बरदाश्त नहीं होगा।

अगले एपिसोड में आप देखेंगे कि क्या सोना और देव के परिवार वालों को पता चल पाता है कि ये हरकत किसने की थी।

Read Also:

jansatta

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App