हर साल कम से कम 250 से 300 फिल्में आती हैं। खास मौका पड़ने पर ही ऐसा होता है कि फिल्म को शुक्रवार की बजाय किसी और दिन रिलीज किया जाए, वरना सालों से फिल्म के लिए इसी दिन का चलन चलता आर रहा है। लेकिन क्या किसी ने सोचा शुक्रवार के दिन ही मूवी रिलीज क्यों की जाती है? आइये बताते हैं…

फिल्मों को शुक्रवार को रिलीज करने की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन कई बार फिल्मों को त्योहारों, छुट्टियों या बेहतर बिजनेस रणनीति के चलते गुरुवार, बुधवार या रविवार को भी रिलीज किया गया है।

शनिवार को रिलीज हुई थी पहली भारतीय फिल्म

राजा हरिश्चंद्र (1913): भारत की पहली संपूर्ण फीचर फिल्म, 3 मई 1913 (शनिवार) को मुंबई के कोरोनेशन थियेटर में रिलीज हुई थी।आलम आरा (1931): भारत की पहली बोलती फिल्म (सवाक फिल्म), 14 मार्च 1931 (शनिवार) को मुंबई के मैजेस्टिक सिनेमा में रिलीज की गई थी।

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हॉलीवुड से शुरू हुआ फ्राइडे रिलीज का चलन

हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में फिल्मों की रिलीज के लिए कोई तय दिन नहीं होता था। लेकिन 1950 के दशक के अंत तक आते-आते, हॉलीवुड की तरह भारत में भी फिल्मों को शुक्रवार को रिलीज करने की परंपरा शुरू हो गई। मल्टीप्लेक्स और मॉडर्न सिनेमा बिजनेस के बढ़ने के साथ शुक्रवार को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड रिलीज डे के तौर पर अपनाया गया।

इसकी शुरुआत 5 अगस्त 1960 को रिलीज हुई ऐतिहासिक फिल्म ‘मुगल-ए-आज़म’ की सफलता के बाद शुरू किया गया। ये पहली भारतीय फिल्म थी जिसे शुक्रवार को रिलीज किया गया था। इस दिन रिलीज होने का फायदा मेकर्स को हुआ और फिर शुरू हुआ फ्राइडे रिलीज का ट्रेंड।

क्या है फ्राइडे रिलीज का कारण?

इसके पीछे कई कारण थे, शनिवार और रविवार के वीकेंड पर भारी संख्या में दर्शक सिनेमाघर जाते हैं। ऐसे में बिजनेस के लिहाज से ये दिन परफेक्ट होता है।

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धार्मिक मान्यताएं

शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दिन मानकर इसे नई कमाई की शुभ शुरुआत के रूप में देखा जाता है। साथ ही ये दिन शुक्र ग्रह का भी है, जिसे धन, वैभव, सुख-समृद्धि का दिन भी माना जाता है।

ओपनिंग वीकेंड होता है मजबूत

पहले फिल्मों की रिलीज अलग-अलग दिनों में होती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह देखा गया कि शुक्रवार को नई फिल्म रिलीज करने से उसे पूरे वीकेंड शनिवार-रविवार का फायदा मिल जाता है। इससे शुरुआती कलेक्शन बेहतर आते हैं और फिल्म का ओपनिंग वीकेंड मजबूत बनता है।

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पहले कब रिलीज होती थीं फिल्में

भारतीय सिनेमा की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ थी, जो 3 मई 1913 को रिलीज हुई थी। ये दिन था शनिवार और मुंबई के कोरोनेशन थिएटर में फिल्म को रिलीज किया गया था।

इसके बाद भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ भी 14 मार्च 1931 शनिवार को रिलीज हुई थी। शुक्रवार की रिलीज का चलन ‘मुगल-ए-आज़म’ से शुरू हुआ।