टीवी और फिल्मों में लंबे समय से सक्रिय रहीं अर्चना पूरन सिंह समेत कई सितारे अब तेजी से यूट्यूब की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान भी अपने यूटयूब व्लॉग्स को लेकर इन दिनों काफी चर्चा में हैं। मगर इंडस्ट्री में अच्छी पकड़ रखने वाले ये लोग अचानक सोशल मीडिया की ओर रुख क्यों कर रहे हैं, इसके पीछे के कारण पर आज हम बात करेंगे। इनके व्लॉगर बनने के पीछे क्या वजह हो सकती है, इसके बारे में विचार करेंगे।

यूट्यूब की तरफ एक्टर्स और बड़े सितारों के रुख को लेकर सीनियर जर्नलिस्ट रोहित वत्स ने अपने विचार रखे। उन्होंने यूट्यूब को मनी मेकिंग मशीन बताया और ऑडियंस से जुड़ने का बेहतरीन जरिया भी कहा।

उन्होंने कहा, “यूट्यूब अब सिर्फ यूट्यूब नहीं है ये एक मनी मेकिंग मशीन भी है। साथ ही इसके जरिए अब हम उस ऑडियंस तक भी पहुंच सकते हैं, जिनतक पहले नहीं पहुंचा जा सकता था। अगर हम बॉलीवुड सेलेब्स की बात करते हैं तो वहां सिर्फ फराह खान या अर्चना पूरन सिंह नहीं हैं। वहां आलिया भट्ट भी हैं, शिल्पा शेट्टी भी हैं, जैकलीन फर्नांडिस भी हैं, कृति सेनन भी हैं, नोरा फतेही भी हैं। हाल ही में राजपाल यादव भी जुड़े हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनके लिए यूट्यूब अपने आप को मार्केट में बनाए रखने का एक जरिया है।”

केआरके के यूट्यूबर बनने में की मदद

उन्होंने कहा कि यूट्यूब के जरिए क्रिएटर्स को अपना बात रखने का एक ग्राउंड मिला है, जो पहले नहीं मिलता था। केआरके के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही वो बतौर एक्टर या प्रोड्यूसर वो सफल ना हो पाया हो, लेकिन यूट्यूब पर उनके फिल्म रिव्यू को कोई भी क्रिटिक अनदेखा नहीं कर पाता था। उन्हें ये पावर यूट्यूब या किसी अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को यूट्यूब पर जनता तक पहुंचने की आजादी मिली है, जो पहले के समय में संभव नहीं था।

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संभावना सेठ को मिले फैंस

संभावना सेठ ने समय के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की ताकत को समझते हुए यूट्यूब पर अपना अलग करियर बना लिया है। टीवी और फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने व्लॉगिंग की दुनिया में कदम रखा, जहां वह अपनी पर्सनल लाइफ, डेली रूटीन, ट्रैवल और फैमिली मोमेंट्स को फैंस के साथ शेयर करती हैं। उनके वीडियो को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, जिससे उन्हें न सिर्फ पॉपुलैरिटी मिली है बल्कि एक स्थिर इनकम का जरिया भी बना है।

बिना पाबंदियों के आजादी से काम कर सकते हैं क्रिएटर्स

टीवी या फिल्म में डायरेक्टर या स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार काम किया जाता है, जबकि यूट्यूब पर ऐसा नहीं है। यहां कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी मर्जी से बिना किसी सेंसरशिप या चैनल की पाबंदियों के काम करने का मौका मिलता है। इसके अलावा, यहां सीधे दर्शकों से जुड़ाव के साथ-साथ इंस्टेंट फीडबैक और अच्छी कमाई के अवसर भी मिल रहे हैं।

टीवी की घटती टीआरपी और फिल्मों में सीमित रोल के मुकाबले यूट्यूब एक ऐसा मंच बन गया है जहां ये सितारे अपनी पर्सनैलिटी, लाइफस्टाइल और टैलेंट को नए अंदाज में पेश कर सकते हैं, जिससे वे अपने फैंस के साथ ज्यादा मजबूत कनेक्शन बना पा रहे हैं।

और क्या हो सकते हैं कारण

बदलती ऑडियंस और कंटेंट की मांग

आज का दर्शक पारंपरिक एंटरटेनमेंट से हटकर पर्सनल और रियल कंटेंट देखना पसंद करता है। यूट्यूब पर व्लॉग्स, बिहाइंड-द-सीन वीडियोज, लाइफस्टाइल कंटेंट और अनफिल्टर्ड बातचीत दर्शकों को ज्यादा आकर्षित कर रही है। ऐसे
यही वजह है कि एक्टर्स अब अपनी रियल लाइफ दिखाकर फैंस के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं।

सीधे फैंस से कनेक्शन

फिल्मों और टीवी में एक्टर्स और दर्शकों के बीच दूरी होती है, लेकिन यूट्यूब इस गैप को खत्म कर देता है। अर्चना पूरन सिंह अपने फैमिली व्लॉग्स के जरिए दर्शकों को अपनी निजी जिंदगी की झलक देती हैं, जिससे उनके फैंस के साथ एक मजबूत और इमोशनल कनेक्शन बन गया है। इसी तरह फराह खान भी मजेदा कंटेंट के जरिए फिल्मों के परे भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता के उदाहरण

यूट्यूब ने पहले ही कई नए सितारों को जन्म दिया है। भुवन बाम और प्राजक्ता कोली जैसे क्रिएटर्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म से लोकप्रियता हासिल कर फिल्मों और वेब सीरीज तक का सफर तय किया। हालांकि अब यह ट्रेंड उल्टा हो रहा है, फिल्मी सितारे डिजिटल दुनिया में अपनी जगह बना रहे हैं।

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कमाई और कंट्रोल का बड़ा मौका

यूट्यूब एक्टर्स को सिर्फ पॉपुलैरिटी ही नहीं, बल्कि कमाई का एक बड़ा जरिया भी देता है, जैसे- ब्रांड डील्स, स्पॉन्सरशिप, एड रेवेन्यू। इन सब पर एक्टर्स का खुद का कंट्रोल होता है।

अनिश्चित करियर में डिजिटल बना सहारा

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम हमेशा स्थिर नहीं रहता। कई बार बड़े कलाकारों को भी लंबे समय तक प्रोजेक्ट नहीं मिलते। ऐसे में यूट्यूब एक बैकअप प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है, जहां एक्टर्स लगातार एक्टिव रह सकते हैं और अपनी फैन फॉलोइंग बनाए रख सकते हैं।

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सोशल मीडिया फॉलोइंग का बढ़ता महत्व

आज के दौर में कास्टिंग के समय एक्टर्स की सोशल मीडिया मौजूदगी को भी महत्व दिया जा रहा है। जितनी ज्यादा फैन फॉलोइंग, उतनी ज्यादा मार्केट वैल्यू- यही कारण है कि एक्टर्स अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

इमेज बिल्डिंग और पर्सनल ब्रांडिंग

यूट्यूब एक्टर्स को अपनी इमेज खुद बनाने का मौका देता है। वे यह तय कर सकते हैं कि दर्शकों के सामने उनकी कैसी छवि जाए, फनी, फैमिली-ओरिएंटेड, फिटनेस फ्रीक या फिर मोटिवेशनल।

यूट्यूब या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से न सिर्फ इन लोगों की विजिबिलिटी बनी रहती है, बल्कि वे किसी एक माध्यम पर निर्भर रहने के बजाय अपने करियर को ज्यादा सुरक्षित और संतुलित बनाकर रख सकते हैं।