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मां-बाप ने नहीं दिया नाम, तो कैसे मिली संजय दत्त के तौर पर ‘पहचान’

बच्चों के नाम उनके मां-बाप रखते हैं। लेकिन संजूबाबा का नाम न तो घर वालों ने रखा और न ही किसी पंडित ने। संजय दत्त के नाम के पीछे...
इसके बाद संजय दत्त नशे में लीन होने लगे थे

मुन्ना भाई नाम आते ही जहन में किसका नाम पहले आता है। बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त का। है न। इसके अलावा उन्हें संजू बाबा, बाबा और भारत के अनर्ल्ड श्वजिनेकर के तौर पर भी जाना जाता है। लेकिन उनका असली नाम बेहद कम लोग ही जानते हैं। क्या आप भी उन्हीं लोगों में से हैं। अगर हां, तो यह खबर आपके काम की है। संजय दत्त का पूरा नाम क्या है और वह उन्हें कैसे मिला, यह बेहद रोचक है। आपने उनकी नशे की लत और मुंबई बम धमाकों से जुड़ी बातें सुनी होंगी, जिसकी वजह से उनकी जिंदगी बदल गई। मगर नाम के पीछे की कहानी सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे।

आमतौर पर बच्चों के नाम उनके मां-बाप रखते हैं। कई बार रिश्तेदारों से इस बारे में सुझाव लिए जाते हैं। वहीं, कभी कुछ लोग पंडितों और पुरोहितों का इस मामले में सहारा लेते हैं। लेकिन संजू बाबा का नाम न तो घर वालों ने रखा और न ही किसी पंडित ने। संजय दत्त के नाम के पीछे की पृष्ठभूमि 50 के दशक में लिखी गई थी। तब मदर इंडिया फिल्म की शूटिंग हो रही थी। सुनील दत्त और नरगिस में प्यार हुआ था। बाद में दोनों ने शादी कर ली। नरगिस ने शादी के बाद फिल्मों से लगभग किनारा ही कर लिया था।

फिर कुछ समय बाद संजय पैदा हुए। सुनील तब उनके लिए नाम सोच रहे थे। नाम रखने के लिए तब उन्होंने अपने दिल्ली के दोस्त यूसुफ देहलवी की मदद ली। वह उस जमाने में शमा मैग्जीन के संपादक थे। उन्होंने अपनी मैग्जीन में बच्चे का नाम रखने के लिए इश्तेहार छापा। देश भर से 18000 हजार नाम आए, जिसमें 20 नाम छांटे गए। भेजे गए नामों में सबसे सामान्य नाम था- अनिल। जबकि नरगिस को निजी तौर पर संजय नाम पसंद आया था। इसके बाद बच्चे का नाम रखा गया- संजय बलराज दत्त। उत्तर प्रदेश में आगरा की किसी महिला ने यह नाम भेजा था। नाम के ईनाम के तौर पर उस महिला को सुनील दत्त और नरगिस ने अपने ऑटोग्राफ वाला तोहफा भी दिया था।

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