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पता है, मीना कुमारी को किसने दिया था ‘मेमसाहब’ वाला नाम

अब आप सोच रहे होंगे कि मीना कुमारी ने तो मुफलिसी झेली। बचपन भीषण गरीबी में बीता। फिर क्यों उन्हें मेमसाहब कहा जाता है। और यह नाम उन्हें कैसे मिला। किसने दिया। है न?
मीना कुमारी नहीं भुला पाई थीं मुमताज का कर्ज। (फोटो सोर्स- यू-ट्यूब)

मीना कुमारी। एक इंसान, लेकिन तमाम पहचान। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें कई नाम मिले हुए थे। बॉलीवुड की सिंड्रेला, ट्रेजेडी क्वीन, मीना और मंजू। लेकिन इसके अलावा भी उनका एक और नाम था। कम ही लोग इस बारे में जानते हैं। वह था- ‘मेमसाहब’।

अब आप सोच रहे होंगे कि मीना कुमारी ने तो मुफलिसी झेली। बचपन भीषण गरीबी में बीता। फिर क्यों उन्हें मेमसाहब कहा जाता है। और यह नाम उन्हें कैसे मिला। किसने दिया। है न?

दरअसल, मीना के इस नाम का पूरा श्रेय बॉलीवुड के जुबली कुमार को जाता है। जी हां, जुबली कुमार बोले तो- राजेंद्र कुमार। उन्होंने ही मीना के लिए सबसे पहले इस नाम का इस्तेमाल किया था।

नाम देने के पीछे का किस्सा 1958 के आसपास का है। उन्होंने तब फिल्म ‘चिराग कहां, रोशनी कहां’ में मीना संग काम किया था। फिल्म की शूटिंग से पहले वह मीना से खासा घबराए हुए थे।


एक दिन वह मीना से बोले- मेमसाहब मैं नया नवेला हूं। कोई गलती हो जाए, तो माफ कर दीजिएगा। मीना को उनका यह अंदाज बेहद पसंद आया। इसके बाद वे जब भी उनसे मिलते, तो मेमसाहब कहकर ही पुकारते।

इस वाकये के बाद उन्होंने कई फिल्में कीं। जब वह उनके घर भी आती थीं, तब भी वह उन्हें मेमसाब बुलाते थे। मेमसाहब नाम देने के पीछे का कारण यह था कि तब फिल्मों में वह नए थे। मीरा उसने खासा सीनियर थीं। एक बार मेमसाब बुलाया तो आदत पड़ गई। फिर उसके बाद मेमसाब ही बुलाया।

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