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किरण खेर बर्थडेः जानिए कैसा रहा किरण का ‘अभिनेता’ से ‘राजनेता’ बनने तक का सफर

बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक किरण का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है। 14 जून 1955 में पंजाब में जन्मी किरण खेर का पालन पोषण चंडीगढ़ में हुआ। किरण ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की। उन्होंने चंडीगढ़ के ही इंडियन थिएटर ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया।

Author नई दिल्ली | June 14, 2017 10:47 AM
बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक किरण का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है। साल 2014 में लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेते हुए किरण खेर ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

एक अभिनेता से राजनेता तक का सफर तय करने वालीं किरण खेर एक बहुत ही बेहतरीन एक्ट्रेस होने के साथ-साथ बहुत मजबूत नेता भी मानी जाती हैं। उनकी एक्टिंग के सफर की शुरुआत एक पंजाबी फिल्म ‘आसरा प्यार दा’ से हई। तो वहीं टेलेंटेड और कॉन्फिडेंट लेडी किरण ने राजनीति में अपना कदम रखने का भी फैसला किया।

बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक किरण का सफर बहुत ही दिलचस्प रहा है। 14 जून 1955 में पंजाब में जन्मी किरण खेर का पालन पोषण चंडीगढ़ में हुआ। किरण ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की। उन्होंने चंडीगढ़ के ही इंडियन थिएटर ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया। इसके बाद किरण की शादी एक उद्योगपति से हुई। मुंबई के उद्योगपति गौतम बेरी और किरण दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। जिस साल किरण का गौतम से तलाक हुआ, उसी साल यानी 1985 में उनकी शादी फिल्म अभिनेता अनुपम खेर से हुई। पहले पति से किरण को एक बेटी भी है। किरण और गौतम के बेटे का नाम सिकंदर खेर है।

इस वक्त किरण चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद है। साल 2014 में लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेते हुए किरण खेर ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बीजेपी के टिकट पर वे चंडीगढ़ से चुनाव लड़ीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल और आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार और बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग को हराकर जीत हासिल की।

किरण खेर कई सालों से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने भ्रूण हत्या के खिलाफ चलाए गए अभियान ‘लाडली’ में अहम भूमिका निभाई थी। इसके साथ वे कैंसर के खिलाफ चलाए गए अभियान ‘रोको कैंसर’ से भी जुड़ी रहीं। साल 2009 में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। उन्होंने देश भर में पार्टी के लिए प्रचार भी किया। 2011 में चंडीगढ़ में हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए अहम रोल निभाया। इसी साल उन्होंने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया। किरण ने चंडीगढ़ में इस आंदोलन का समर्थन किया। जब अन्ना के आंदोलन के बाद टीम के कुछ सदस्यों ने आम आदमी पार्टी (AAP) बनाने का फैसला किया, तो उन्होंने इस बात का विरोध किया था।

अपना फिल्मी करियर 1983 में एक पंजाबी फिल्म से करने के बाद उन्होंने 1996 में अमरीश पुरी के साथ ‘सरदारी बेगम’ में काम किया। इस दौरान उनका काम काफी चर्चित भी रहा। किरण ने अपनी एक्टिंग की असली छाप 2002 में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ से छोड़ी। इस दौरान उनकी एक्टिंग की हर किसी ने सराहना की। इसके बाद हिंदी सिनेमा की दिग्गज मां निरूपा रॉय के बाद अब मां के किरदार के लिए किरण खेर का नाम ही सबसे पहले आता है।

किरण खेर बॉलीवुड में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती हैं। ओम शांति ओम, जस्ट मैरिड, कभी अलविदा ना कहना, रंग दे बसंती, हम तुम, वीर-ज़ारा, मैं हूँ ना, कर्ज़, देवदास, सरदारी बेगम जैसी सुपर-हिट फिल्मों में काम कर किरदार ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

देखिए उनकी फिल्म के ऐसे गाने जिनसे किरण खेर ने बॉलीवुड में बनाई अपनी एक नई पहचान:-

फिल्म देवदास का गाना ‘मोरे पिया’

फिल्म दोस्ताना से गाना ‘मां दा लाडला’

 

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