KBC Grand Finale 2017: Kailash Satyarthi Share his suhagrat Story on kbc set how his wife sing bhaiya mere rakhi ke bandhan song - kbc Grand Finale 2017: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी को सुहागरात में पत्नी ने सुनाया था रक्षा बंधन का गाना - Jansatta
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KBC Grand Finale 2017: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी को सुहागरात में पत्नी ने सुनाया था रक्षा बंधन का गाना

केबीसी की हॉट सीट पर बैठकर कैलाश सत्यार्थी ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी के कई किस्से सुनाए।

पत्नी सुमेधा के साथ केबीसी की हॉट सीट पर बैठे नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी। (Photo Source: Video Grab)

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी अपनी पत्नी सुमेधा के साथ सोनी टीवी के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति‘ के ग्रांड फिनाले एपिसोड में पहुंचे। केबीसी की हॉट सीट पर बैठकर कैलाश सत्यार्थी ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी के कई किस्से सुनाए। शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने उनसे उनकी सुहागरात के किस्से के बारे में पूछा। इस पर कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि आप हमारी पूरी पोल खोलकर छोड़ेंगे। आज छोड़ेंगे नहीं। इस दौरान कैलाश सत्यार्थी की पत्नी सुमेधा भी साथ में बैठी थीं। इस दौरान कैलाश ने कहा कि ‘मेरी पहली-पहली बार शादी हुई थी’। जैसे ही कैलाश सत्यार्थी ने यह बात कही तो सब लोग हंसने लगे।

कैलाश ने बताया, ‘मेरी शादी के बाद सुहागरात का समय आया। सुहागरात के बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता था कि यह क्या मामला है। मैं जब अंदर कमरे में गया तो बेड पर मेरी पत्नी घूंघट निकालकर एक कोने में बैठी हुई थीं। मुझे नहीं पता था कि मुझे क्या करना चाहिए। इसके बाद मैंने मेरी पत्नी से कहा कि आप बहुत खूबसूरत हैं तो घूंघट में क्यों बैठी हैं। मैंने पहले भी आपको देखा है। लेकिन मेरी पत्नी ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने मेरी पत्नी से कहा कि चलो आप गाना सुनाएं। मेरी पत्नी गाना बहुत अच्छा गाती थीं। लेकिन मेरी पत्नी ने कहा कि पहले आप सुनाओ गाना तो मैंने कहा कि मैं गाना नहीं गा पाता। मैं तो कॉलेज में कभी-कभार सीटी बजा लेता था। इसके बाद मेरी पत्नी ने गाना सुनाया ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’। जिसके जवाब में मैंने गाया, ‘ओ मां, तुम कितनी अच्छी हो, कितनी सुंदर हो’ इस तरह से हमारी शुरुआत हुई।’ यह सुनकर सब लोग हंस पड़े।

इसी तरह अमिताभ बच्चन ने भी अपनी जिंदगी के कई किस्से सुनाए। अमिताभ बच्चन ने शो में बताया कि उनका सरनेम ‘बच्चन’ कैसे पड़ा। अमिताभ बच्चन ने बताया, ‘मेरे पिताजी का सरनेम श्रीवास्ताव था। वे जाति में विश्वास नहीं रखते थे। मुझे बचपन में बच्चा-बच्चा कहा जाता था। इसलिए मेरे पिता ने मेरा सरनेम ‘बच्चन’ रख दिया। मेरे परिवार में मैं पहला शख्स था, जिसे बच्चन सरनेम मिला।

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