आदित्य धर के निर्देशन में बनी रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ को रिलीज हुए दो महीने से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी भी यह किसी न किसी वजह से चर्चा में बनी रहती है। अब हाल ही में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इस फिल्म को लेकर बात की है और सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, ‘धुरंधर’ में एक किरदार को उनसे प्रेरित बताया जा रहा था।
फिल्म में एक मंत्री और उनके बेटे का किरदार दिखाया गया है, जो भारतीय नोट छापने वाली मशीन पाकिस्तान के हवाले कर देते हैं। इसमें किसी का नाम तो नहीं लिया गया, लेकिन लोग इसे पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से जोड़ने लगे। फिर जब एक हालिया पॉडकास्ट में कार्ति चिदंबरम से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद ही हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। इसके अलावा उन्होंने इसे फैक्ट-फिक्शन और व्हाट्सएप फॉरवर्ड का मिश्रण बताया।
‘धुरंधर’ को लेकर क्या बोले कार्ति चिदंबरम
एएनआई पॉडकास्ट में जब होस्ट स्मिता प्रकाश ने कार्ति से पूछा कि उन्होंने ‘धुरंधर’ देखी है या नहीं। तो इस पर सांसद ने बताया कि उन्होंने ‘धुरंधर’ तो नहीं देखी है। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर ऐसी घटनाएं सच में हुई होती, तो सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड जरूर होता।
कार्ति चिदंबरम ने हंसते हुए कहा, “नहीं, मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मुझे बताया गया कि फिल्म में मेरा एक कैमियो है। मैंने सुना है कि यह हिंदी में है और 3 घंटे लंबी फिल्म है। शायद मैं इसे अपनी कई फ्लाइट्स में देख लूंगा।”
इसके आगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे लगता है कि प्रोड्यूसर को मुझसे फोन करके पूछना चाहिए था कि उन्हें मेरे रोल के लिए किसे कास्ट करना चाहिए।” जब होस्ट ने पूछा कि वह अपने रोल के लिए किस एक्टर को सुझाव देते, तो कार्ति ने कहा, “पियर्स ब्रॉसनन, शायद।” फिर एंकर ने उनके पिता (पी. चिदंबरम) के रोल के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं नहीं जानता, शॉन कॉनरी या माइकल केन जैसा कोई।”
लास्ट में उन्होंने कहा, “अगर लोग तथ्य, फिक्शन और व्हाट्सएप फॉरवर्ड को मिला देते हैं, तो मैं क्या कर सकता हूं? अगर आप सच में सोचते हैं कि वह सीक्वेंस हुआ, तो क्या भारत सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए? यह पूरी तरह से हास्यास्पद है। दुर्भाग्य से, व्हाट्सएप और मार्क जुकरबर्ग की वजह से लोग फैक्ट और फिक्शन में फर्क नहीं कर पाते। सब कुछ माया की दुनिया में मर्ज हो जाता है। अब AI के साथ यह और भी बुरा होने वाला है।”
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