बॉलीवुड में चल रही ‘भेड़चाल’ पर करीना कपूर ने खुलकर बात की है। उनका कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर निर्माता-निर्देशक किसी सफल फिल्म के फॉर्मूले को दोहराने की कोशिश करने लगते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अपने भाई रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का जिक्र किया। करीना के मुताबिक, फिल्म की सफलता के बाद अब इंडस्ट्री में उसी तरह की फिल्में बनाने का ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की आगामी फिल्म दायरा 18 सितंबर को रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है। ‘युवा’ चैनल के साथ एक इंटरव्यू में टीम ने फिल्म और इंडस्ट्री पर बात की।

बॉलीवुड में भेड़चाल पर करीना की राय

इसी दौरान करीना कपूर ने इंडस्ट्री में मौजूद ‘भेड़चाल’ की मानसिकता पर अपनी राय रखी। करीना कपूर ने कहा कि फिल्मों के लिए किसी तय फॉर्मूले पर चलना अब पुरानी सोच है। रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने तंज कसा कि अब इंडस्ट्री में हर कोई हिंसा वाली फिल्में बनाने की होड़ में लग गया है।

हालांकि, करीना ने माना कि कुछ फिल्ममेकर्स ट्रेंड से प्रभावित हुए बिना अपनी अलग सोच और क्रिएटिविटी पर भरोसा करते हैं। इसके लिए उन्होंने इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का उदाहरण भी दिया।

पृथ्वीराज सुकुमारन ने मलयालम फिल्मों के लिए क्या कहा

पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों की भूमिका को अक्सर कम आंका जाता है। उन्होंने बताया कि मलयालम सिनेमा में लेखक कहानी का केंद्र होते हैं और फिल्म की शुरुआत भी अक्सर उन्हीं से होती है। उनके मुताबिक, फिल्मों की नींव लेखक रखते हैं, इसलिए उनके महत्व को समझना और सम्मान देना जरूरी है।

बदल रही है दर्शकों की सोच

करीना ने कहा कि इंडस्ट्री की सोच अक्सर पुरानी धारणाओं तक सीमित रहती है। उनका मानना है कि दर्शक सिर्फ कम उम्र के कलाकारों को नहीं, बल्कि अच्छी और दमदार कहानी को ज्यादा महत्व देते हैं।

लेखकों को मिलनी चाहिए पहचान

बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई कि फिल्ममेकिंग की प्रक्रिया में लेखकों को अक्सर वह पहचान नहीं मिलती, जिसके वे हकदार होते हैं। इसके साथ ही मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का उदाहरण सामने आया, जो कम बजट में दमदार कहानियों के दम पर लगातार दर्शकों का ध्यान खींच रही है। ‘प्रेमलु’ और ‘मंजुम्मेल बॉयज’ जैसी फिल्मों ने साबित किया है कि बड़े बजट के बिना भी मजबूत कहानी दर्शकों के बीच अपनी जगह बना सकती है।