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करण जौहर ने ट्विटर पर ओपेन लेटर लिख कर बताई यश और रूही के जन्म की कहानी, यूजर्स ने भी शेयर किए अपने किस्से

मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने हाल ही में एक ओपेन लेटर लिख कर सरोगेसी से हुए अपने जुड़वा बच्चों की खबर साझा की थी।

Author नई दिल्ली | March 27, 2017 2:08 PM
बॉलीवुड फिल्म निर्देशक करण जौहर आखिरकार पापा बन गए हैं। 7 फरवरी को सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों के पिता बने थे।

मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने हाल ही में एक ओपेन लेटर लिख कर सरोगेसी से हुए अपने जुड़वा बच्चों की खबर साझा की थी। मां के नाम को छोड़ कर उन्होंने बच्चों के नाम और उनके जन्म से जुड़ी कई जानकारियां और अपनी भावनाएं लेटर में बताई थीं। अब करण ने एक और ओपेन लेटर लिख कर लोगों द्वारा अपने बच्चों को दिए प्यार के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है, इसके अलावा उन्होंने उन डॉक्टर्स को भी थैंक्स कहा है जिन्होंने रूही और यश के जन्म और देखभाल में मदद की। करण ने इस लेटर में बताया है कि किस तकर उनके बच्चे प्रीमैच्योर (समय से पहले अपरिपक्व रूप से) पैदा हो गए थे, और उन्हें अपने बच्चों की किस कदर फिक्र थी। करण के लेटर पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और अपनी जिंदगी से जुड़े लोगों के प्रीमैच्योर बर्थ के बारे में बाते शेयर की हैं।

करण ने अपने लेटर में लिखा- मेरे बच्चे 2 महीने प्रीमैच्योर पैदा हुए थे और उनके कम वजन को लेकर वह काफी परेशान थे। करण ने लिखा कि इस हालत में उनका दिल बैठ गया था। मैं बहुत ज्यादा डर गया था। मैं बस उन्हें थामना चाहता था और उनकी देखभाल करना चाहता था, लेकिन उन्हें एनआईसीयू (नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) में रखे जाने की जरूरत थी। वह कितने छोटे थे यह देख कर बहुत दुख हो रहा था। शुक्र है कि मेरे पास एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम था। रूही और यश सबसे योग्य और शांत हाथों में थे। करण ने लिखा कि हर साल हजारों प्रीमैच्योर बच्चों का जन्म होता है, लेकिन बच्चों का अनुकूलन काफी तेज होता है, वे किसी अन्य की ही तरह ज्यादा तेजी से ठीक होते हैं।

करण के इस लेटर पर प्रतिक्रिया देते हुए यूजर्स ने अपने अनुभव भी साझा किए। रोमित नाम के एक यूजर ने लिखा- मेरा कजिन 2 महीने प्रीमैच्योर पैदा हुआ था और अब वह 13 साल का है, फिट और फाइन और सबसे स्मार्ट भी है। एमएम नाम की एक यूजर ने लिखा- मेरा बेटा आधे महीने पहले पैदा हुआ था और वह महज 2 पाउंड और 2 औंस का था। यह बच्चा डॉक्टर्स और भगवान की दुआ से अब 25 साल का हो चुका है और एक पीएचडी स्टूडेंट है।

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