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करण जौहर 5 साल एंग्जाइटी से जूझ रहे थे, लेना पड़ा था थैरेपी का सहारा; सुनाई आपबीती

करण जौहर ने अपनी जिंदगी को लेकर कई खुलासे किए। उन्होंने अपनी मेंटल हेल्थ से जुड़ी सीरियस प्रॉब्लम शेयर की हैं।

करण जौहर 5 साल एंग्जाइटी से जूझ रहे थे, लेना पड़ा था थैरेपी का सहारा; सुनाई आपबीती
करण जौहर (फाइल फोटो)

कॉफी विद करण का 7वां सीजन चल रहा है। शो को हर सीजन की तरह काफी पसंद किया जा रहा है। शो का आखिरी एपिसोड टेलीकास्ट हो चुका है। इस एपिसोड में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स तन्मय भट्ट, कुशा कपिला, दानिश सैत, निहारिका एनएम नजर आए थे। शो में अक्सर बड़े-बड़े खुलासे होते हैं। इस बार शो में करण जौहर ने अपनी जिंदगी को लेकर कई खुलासे किए है।

जिन्हें सुन सब हैरान थे। इस एपिसोड में करण ने अपनी मेंटल हेल्थ और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कुछ सालों पहले जब ट्रोलर्स ने उनके बच्चों पर कमेंट किए तो वो एंजाइटी का शिकार हो गए थे जिसके लिए उन्हें थैरेपी लेनी पड़ी थी।

बच्चों पर भद्दे कमेंट मत करो

करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण 7’ के आखरी एपिसोड में करण से पूछा गया कि ह सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और नेगेटिविटी से कैसे डील करते हैं? इसका जवाब देते हुए करण ने कहा कि ‘इतने सालों में मैंने अपनी चमड़ी मोटी कर ली है कि अब मुझे इन सब चीजों से फर्क नहीं पड़ता है। लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, क्या कहते हैं इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता।

लेकिन कभी-कभी लोग इतना गिर जाते हैं कि वो मेरे बच्चों के बारे में बोलने लगते हैं। उस समय मुझे बहुत बुरा लगता है। लोग मेरे बच्चों तक को गाली देने लगते हैं। मुझे तब लगता है कि मेरे बच्चों को इससे दूर रखो। तुम मुझे जो भी चाहे कहो, मेरी सेक्शुएलिटी या जो भी गिरी से गिरी बातें मेरे बारे में होती हैं वो कहो।’

मैं 5 साल पहले एंग्जाइटी से जूझ रहा था

फिल्ममेकर ने आगे बताया कि ‘मुझे अब इन सब से फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि मैंने थैरेपी नहीं ली है या पास्ट में मेरे साथ दिक्कत नहीं हुई है। 5 साल पहले एंग्जाइटी से जूझ रहा था। मैंने कभी इस बारे में जिक्र तक नहीं किया था। जब मैंने अपनी अपनी साइकोलॉजिस्ट से इस बारे में बात की तो उसने कहा कि भले तुम सबको दिखा रहे हो कि तुम्हें इससे फर्क नहीं पड़ता। तुमने इससे डील करना सीख लिया है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। आपने बहुत ज्यादा ये सब सोच लिया है। आप अंदर ही अंदर दबा रहे हो जो कभी-कभी बाहर आ जाती हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे आप खुद के साथ गलत कर रहे हो। डॉक्टर के कहने पर मैंने लोगों से इस बारे में बात करना शुरू की। उसी के बाद से मैं थोड़ा बेहतर फील करता हूं और मैं इस बारे में ज्यादा से ज्यादा बात करता हूं। अब मैं ठीक हूं।’

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First published on: 01-10-2022 at 01:56:15 pm