बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर का जिक्र हो तो उसमें करण जौहर का नाम सबसे ऊपर होगा। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों का निर्माण किया। इसमें उन्होंने दर्शकों को प्यार, फैमिली ड्रामा और रिश्तों के बारे में दिखाया। करण ने साल 1995 में आई फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में वह छोटे से रोल में भी नजर आए थे।
इसके अलावा कभी करण न्यूमरोलॉजी पर भी काफी भरोसा किया करते थे। उन्हें लगता था कि ‘के’ अक्षर उनके लिए बेहद लकी है और इसी वजह से उन्होंने शुरुआत में अपनी कई फिल्मों के नाम ‘के’ से रखे थे। आज 25 मई को फिल्ममेकर अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं उनकी लाइफ से जुड़ी कई दिलचस्प चीजों के बारे में।
यश जौहर के बेटे हैं करण
करण जौहर का जन्म 25 मई, 1972 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता फिल्म निर्माता यश जौहर थे, जो धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक भी थे और उनकी माता सिंधी हैं, जिनका नाम हीरू जौहर है। करण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के ग्रीन लॉन्स हाई स्कूल में की और उसके बाद आगे की पढ़ाई एचआर कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में की। फिल्ममेकर ने एक बार दून स्कूल में दाखिला लेने का प्रयास किया था, लेकिन मैथ में कम नंबर की वजह से उनका एड्मिशन कैंसिल कर दिया गया।
टीवी शो में भी किया करण ने काम
करण जौहर ने फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले 1989 में दूरदर्शन के धारावाहिक इंद्रधनुष में श्रीकांत की भूमिका निभाई थी। फिर असिस्टेंट डायरेक्टर के बाद करण ने खुद फिल्मों का निर्देशन करना शुरू किया और पहली ही मूवी से इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया। करण ने सबसे पहले रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा मूवी ‘कुछ कुछ होता है’ को डायरेक्ट किया और इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले।
न्यूमरोलॉजी पर भरोसा करते थे करण
इसके बाद उन्होंने ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘कभी अलविदा न कहना’, ‘माई नेम इज खान’ समेत कई फिल्मों का निर्देशन किया। करण जौहर पहले न्यूमरोलॉजी पर काफी भरोसा किया करते थे। उन्हें लगता था कि ‘के’ अक्षर उनकी फिल्मों के लिए अच्छा है और यही वजह थी कि वह लगातार अपनी फिल्मों के नाम इसी अक्षर से शुरू करते थे।
फिर एक बार उन्होंने राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ देखी, जिसने उनकी सोच बदल दी। बता दें कि संजय दत्त की उस मूवी में न्यूमरोलॉजी का मजाक उड़ाया गया था। फिल्म का मैसेज देखकर उन्हें एहसास हुआ कि किसी इंसान की मेहनत, कहानी और टैलेंट ज्यादा जरूरी है, ना कि नाम का पहला अक्षर।
इसके बाद उन्होंने ‘ऐ दिल है मुश्किल’ से लेकर ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ तक कई बेहतरीन फिल्में बनाई। करण ने सिर्फ फिल्मों का निर्माण ही नहीं किया, बल्कि कई फिल्मों की कहानी लिखी और कुछ के निर्माता भी रहे। उन्होंने आलिया भट्ट, वरुण धवन समेत कई स्टार किड्स को लॉन्च किया। साल 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
