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कंगना रनौत वीडियो सॉन्गः क्वीन, फैशन और गैंगस्टर जैसी हिट फिल्मों के सुपरहिट गाने, देखें वीडियो

बॉलीवुड में कंगना पर फिल्माए गए कई गाने खूब मशहूर हुए हैं। बात चाहे क्वीन फिल्म के 'लंदन ठुमकदा' की हो या फिर तनु वेड्स मनु के 'घणी बांवरी' की हो, कंगना के थिरकते पांवों वाले ये गीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गीतों में शुमार हैं।

Author नई दिल्ली | July 20, 2017 2:55 PM
तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं कंगना का ‘गैंगस्टर’ से लेकर ‘रंगून’ तक का सफर काफी चुनौतियों भरा रहा लेकिन उन्होंने संघर्षों के किसी भी मोड़ पर हार नहीं मानी और इसीलिए आज वो सफलता की बुलंदियों पर हैं।

दिल्ली के ‘अस्मिता थिएटर ग्रुप’ से अभिनय की शुरुआत करने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत आज अपने टैलेंट की बदौलत न सिर्फ बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक हैं बल्कि अपनी एक फिल्म के लिए सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में भी शामिल हैं। तीन बार फिल्मफेयर का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली इस अभिनेत्री ने बॉलीवुड को ‘क्वीन’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘गैंगस्टर’, ‘वो लम्हें’, ‘लाइफ इन अ मेट्रो’ जैसी अनेक सुपरहिट फिल्में दी हैं। बॉलीवुड में कंगना पर फिल्माए गए कई गाने खूब मशहूर हुए हैं। बात चाहे क्वीन फिल्म के ‘लंदन ठुमकदा’ की हो या फिर तनु वेड्स मनु के ‘घणी बांवरी’ की हो, कंगना के थिरकते पांवों वाले ये गीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय गीतों में शुमार हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 23 मार्च 1987 को जन्मीं कंगना रनौत के पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। खुद कंगना की भी यही इच्छा थी लेकिन किसी वजह से उन्हें इस सपने से दूर होना पड़ा। महज 16 साल की उम्र में कंगना ने यह तय कर लिया कि उन्हें एक्टिंग और मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाना है जिस वजह से उन्होंने दिल्ली की ओर रुख किया। दिल्ली में कंगना ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करनी चाही लेकिन वहां मन न लगने के बाद उन्होंने ‘अस्मिता थिएटर ग्रुप’ ज्वाइन कर लिया और नाटकों में अभिनय करने लगीं। वहां उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई जिसके बाद उन्हें मुंबई जाकर किस्मत आजमाने के सुझाव मिलने लगे।

कंगना जब मुंबई पहुंची तो संघर्षों के असली दौर से उनका सामना हुआ। अच्छी अंग्रेजी न आने के कारण उन्हें कई जगह रिजेक्शन झेलना पड़ा था। एक लंबे संघर्ष के बाद उन्हें महेश भट्ट की फिल्म ‘गैंगस्टर’ में काम करने का अवसर मिला जिसमें उनसे पहले चित्रांगदा सिंह को लिए जाने की चर्चाएं थीं।

अपनी पहली ही फिल्म के लिए उन्हें 2006 में ‘बेस्ट फीमेल डेब्यू’ का ‘ग्लोबल इंडियन फिल्म अवार्ड’ मिला। इस फिल्म की सफलता के बाद कंगना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने साल 2006 में ही ‘वो लम्हें’ नाम की एक फिल्म में काम किया। इसके बाद साल 2007 में आई ‘लाइफ इन अ मेट्रो’, साल 2008 में आई ‘फैशन’, साल 2010 में आई ‘वंस अपान अ टाइम इन मुंबई’, 2011 और 2015 में आई ‘तनु वेड्स मनु सीरीज’, 2014 में आई ‘क्वीन’, ‘रिवाल्वर रानी’ और ‘उंगली’ में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई।

फिल्म ‘फैशन’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से भी नवाजा गया। इसके अलावा कंगना को फिल्म ‘क्वीन’ के लिए फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

कंगना आखिरी बार विशाल भारद्वाज निर्देशित फिल्म रंगून में नजर आयी थीं जिसमें उनके साथ बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर और सैफ अली खान ने काम किया था। तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं कंगना का ‘गैंगस्टर’ से लेकर ‘रंगून’ तक का सफर काफी चुनौतियों भरा रहा लेकिन उन्होंने संघर्षों के किसी भी मोड़ पर हार नहीं मानी और इसीलिए आज वो सफलता की बुलंदियों पर हैं।

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