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ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच बनारस पहुंचीं कंगना रनौत, बोलीं-काशी के कण-कण में भगवान शिव…

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच कंगना रनौत बनारस गईं जहां उन्होंने कहा कि शिव भगवान को किसी स्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है वो कण-कण में हैं।

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वाराणसी पहुंची कंगना रनौत (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम kanganaranaut)

हर मुद्दे पर खुलकर बोलने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में भी बयान दिया है। हाल ही में कंगना, अर्जुन रामपाल के साथ अपनी फिल्म ‘धाकड़’ के रिलीज के लिए वाराणसी पहुंची थीं। जहां मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा,”जैसे मथुरा के कण-कण में कृष्ण भगवान हैं, अयोध्या के कण-कण में श्रीराम हैं, वैसे ही वाराणसी के कण-कण में भगवान शिव हैं। उन्हें किसी स्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है। हर हर महादेव!”

कंगना समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय को लेकर काफी मुखर रही हैं। हाल ही में एबीपी न्यूज के साथ बातचीत में, कंगना ने उत्तर बनाम दक्षिण फिल्मों पर चल रही बहस के बारे में भी बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि दर्शक साउथ की फिल्मों से अधिक कनेक्ट कर पाते हैं। साउथ एक्टर का अपने दर्शकों के साथ मजबूत रिश्ता है।

कंगना ने कहा,” जैसे पुष्पा को देखकर लगा कि हम उसे जानते हैं। हर मजदूर खुद से पुष्पा से कनेक्ट कर पाय। बताओ हमारे एक्टर मजदूर जैसे दिख सकते हैं? नहीं। तो उनका कल्चर और उनकी डाउन-टू-अर्थ क्वालिटी की वजह से ही उन्हें इतना प्यार मिल रहा है।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने के लिए कहा गया था। जिसकी सुनवाई 19 मई को होनी थी, आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार, 20 मई तक के लिए स्थगित कर दी। कोर्ट ने दीवानी अदालत वाराणसी से ज्ञानवापी मामले में कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा है। मामले की सुनवाई 20 मई को तीन बजे होगी।बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरि शंकर जैन की तबीयत ठीक ना होने के कारण सुनवाई को स्थगित किया गया है।

गौरतलब है कि वाराणसी का श्रृंगार गौरी का मंदिर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मौजूद है। जिसके लिए पिछले साल अगस्त में रेखा पाठक, सीता साहू, लक्ष्मी देवी और मंजू व्यास और राखी सिंह नाम की पांच महिलाओं द्वारा कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसके मुताबिक उन्होंने कोर्ट से ऋंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजा अर्चना की अनुमति मांगी थी। इस मामले में वाराणसी सिविल कोर्ट ने 26 अप्रैल को आदेश जारी किया। जिसमें 6 और 7 मई को दोनों पक्षों की मौजूदगी में श्रृंगार गौरी मंदिर का सर्वे करने को कहा था। सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन सुनवाई के बाद ही इस मुद्दे पर फैसला आएगा।

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