भारत की चिताएं दिखीं, अमेरिका का ये मैदान नहीं- सुशांत सिन्हा ने साझा की तस्वीर, बॉलीवुड एक्टर ने पूछा- इससे हिंदुस्तान का क्या लेना-देना?

सुशांत सिन्हा ने वॉशिंगटन के मैदान का वीडियो साझा किया था। केआरके ने इसी पर पलटवार किया।

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कोरोना से मरने वाले परिजन के अंतिम संस्कार के दौरान लोग। (फाइल फोटोः पीटीआई)

पीएम मोदी पिछले दिनों अमेरिका की यात्रा पर थे। इसकी कवरेज के लिए तमाम पत्रकार भी वहां गए थे। टाइम्स नाउ-नवभारत से जुड़े पत्रकार सुशांत सिन्हा भी इनमें शामिल थे। उन्होंने वॉशिंगटन के उस पार्क से भी रिपोर्ट किया, जिसमें अमेरिका में कोविड से मरने वाले तमाम लोगों की याद में प्रतीक के तौर पर सफेद झंडे लगाए गए हैं। सिन्हा ने इसका वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया था।

उन्होंने लिखा था, ‘जिन्होंने भारत में जलती चिताएं दिखाई भीं और उसकी तस्वीरें डॉलर में बेचीं, उन्होंने अमेरिका के इस मैदान की तस्वीर क्यों नहीं दिखाई? वो रिपोर्ट जो हर भारतीय को देखनी चाहिए।’ उनके इसी ट्वीट पर बॉलीवुड एक्टर कमाल आर खान ने पलटवार किया और पूछा कि आखिर इसका हिंदुस्तान से क्या लेना-देना है?

सुशांत सिन्हा की पोस्ट पर कमाल आर. खान ने लिखा, ‘ज़रा कारण बताइये क्यों दिखाएं? हिंदुस्तान के मीडिया को वो दिखाना चाहिए जो हिंदुस्तान में हो रहा है! क्योंकि हिंदुस्तान की जनता का उसी से सरोकार है। अमेरिका या जापान में कौन मर रहा है, इससे हिंदुस्तान की जनता का कोई लेना-देना नहीं हैं।’

केआरके ने एक और पोस्ट में लिखा, ‘एक बात और, अमेरिका ने अपने देशवासियों को इतनी इज्जत तो दी कि उनके नाम का झंडा लगाया। और तुमने क्या किया? उन लाशों को कुत्ते-बिल्ली की लाश समझ कर नदियों में बहा दिया। शर्म आनी चाहिए तुम जैसे लोगों को…।’

क्या है रिपोर्ट में? सुशांत सिन्हा कहते हैं, ‘ये जो तस्वीर है ना, मैं वॉशिंटन में खड़े होकर दिखा रहा हूं, जिसे हर हिंदुस्तानी को देखनी चाहिए। इस तस्वीर के बहुत बड़े मायने हैं। मैं एक मैदान में खड़ा हूं जहां आप दूर तक देखेंगे सिर्फ और सिर्फ सफेद झंडे लगे हैं… जैसे कोई सफेद चादर बिछी हो।’

सुशांत सिन्हा आगे कहते- ‘क्या है ये सफेद चादर? हमने कभी नहीं देखा ऐसा? दरअसल, ये जो झंडे हैं ये अमेरिका में कोरोना से हुई एक एक मौत की गवाही दे रहे हैं। एक एक झंडा जो कोरोना से यहां मरे उनकी याद में लगाया गया है। इस तस्वीर को आप देखेंगे तो आपको समझ में आएगा कि भारत में जो जलती चिताएं दिखाने वाले लोग थे, उन्होंने इस तस्वीर को क्यों नहीं दिखाया? उन्होंने क्यों नहीं बताया कि अमेरिका में भी वही हुआ और उससे ज्यादा भयावह हुआ, जो भारत में हुआ।’

सुशांत ने आगे पूछा- ‘उन्होंने क्यों नहीं बताया कि अमेरिका, जिसके पास इतनी पावर है, इतनी शक्ति है, इतना इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो नहीं रोक सका लोगों को मरने से? लेकिन भारत में जलती चिताओं की तस्वीरें खींच कर इंटरनेट पर डॉलर में बेचे गए। उसका तमाशा बनाया गया। हमारे अपने, आपके अपने जो मरे उनकी मौत का तमाशा बनाया गया, उसपर पॉलिटिक्स की गई।

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