ताज़ा खबर
 

‘सैराट’ देख करण जौहर को फोन मिला दिया था धड़क के निर्देशक ने, कुछ यूं शुरू हुई थी ‘धड़क’ की कहानी

'मुझे याद है मैंने जैसे ही इस फिल्म को देखा था तो मुझे उसी दौरान लग गया था कि मुझे ये फिल्म बनानी होगी। इस फिल्म ने मुझे काफी प्रेरित किया था। मुझे नहीं पता था कि मैं कैसे और क्यों और किस तरीके से इस फिल्म को अलग बनाने वाला हूं लेकिन मुझे ये एहसास तो हो गया था कि मुझे ये कहानी कहनी है।'

शशांक इससे पहले बद्रीनाथ की दुल्हनियां भी डायरेक्ट कर चुके हैं।

ईशान खट्टर और जाह्वनवी कपूर की फिल्म धड़क 20 जुलाई को रिलीज़ होने जा रही है। ये फिल्म लोकप्रिय मराठी फिल्म सैराट का रीमेक है जिसे नागराज मंजुले ने डायरेक्ट किया था।  मसाला रोमैंटिक कॉमेडी जॉनर के लिए पहचाने जाने वाले शशांक खैतान ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है। धड़क के ट्रेलर रिलीज़ होने के साथ ही कुछ लोगों ने इस फिल्म को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया था, वजह थी एक संवेदनशील फिल्म सैराट को करण जौहर मार्का ग्लैमर प्रदान कर उसे धड़क का नाम दे देना। हालांकि धड़क के डायरेक्टर शशांक अपनी फिल्म को लेकर बेफिक्र हैं और वो मानते है कि वे धड़क के साथ न्याय करने में सफल रहे हैं।

सैराट से धड़क की तुलना पर शशांक ने कहा कि मैं इस चीज़ को लेकर परेशान नहीं हूं। मुझे लगता है कि आप जब किसी भी तरीके का क्रिएटिव काम करते हैं और उसे लोगों के सामने रखते हैं तो जाहिर है कुछ लोगों को ये पसंद आएगा और कुछ लोगों को ये खास पसंद नहीं आएगा। मुझे कम से कम फिल्में बनाने का मौका मिल रहा है और ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे लगता है कि इसके बाद अगर मैं कोई ओरिजिनल फिल्म भी बनाऊंगा तो भी कुछ लोग तो होंगे जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं करेंगे। इसलिए मैं इस चीज़ से बिल्कुल परेशान नहीं होता। मैं दरअसल ऐसे मामलों में ज़्यादा प्रतिक्रिया नहीं देता।

शशांक इससे पहले बद्रीनाथ की दुल्हनियां भी डायरेक्ट कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे याद है मैंने जैसे ही इस फिल्म को देखा था तो मुझे उसी दौरान लग गया था कि मुझे ये फिल्म बनानी होगी। इस फिल्म ने मुझे काफी प्रेरित किया था। मुझे नहीं पता था कि मैं कैसे और क्यों और किस तरीके से इस फिल्म को अलग बनाने वाला हूं लेकिन मुझे ये एहसास तो हो गया था कि मुझे ये कहानी कहनी है। मैंने इस फिल्म को देखने के बाद करण जौहर को फोन लगाया था और उन्हें कहा था कि हमें इस फिल्म को एडॉप्ट करना चाहिए। अगले दिन हमने साथ बैठकर इस फिल्म को देखा था। तब करण ने मुझसे कहा था कि अगर तुम हूबहू यही फिल्म बनाने जा रहे हो तो मैं इसमें दिलचस्पी नहीं रखता लेकिन अगर तुम इसमें कुछ नया कर सकते हो तो मुझे बताओ। तो मैंने करण को अपने विज़न के बारे में बताया था और फिर करण ने भी इस फिल्म को बनाने के लिए हामी भर दी थी।

https://www.jansatta.com/entertainment/

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App