3 दिनों तक अपनी मां से झगड़ती रही थीं जयललिता, कहा था- फिल्म-राजनीति में न आती तो नोबेल पुरस्कार जीत लेती

125 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वालीं जयललिता फिल्मी करियर छोड़ने के बाद राजनीति में आई थीं और अपने समय के सबसे पसंदीदा राजनेताओं में से एक बन गई थीं।

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जयाललिता ने कहा था अगर मैं फिल्मों में नहीं आती तो नोबेल पुरस्कार जीत लेती (फोटो क्रेडिट- Indian Express)

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की जिंदगी पर आधारित कंगना रनौत की फिल्म ‘थलाइवी’ 10 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में जयललिता के सिनेमा से सियासत तक के सफर और संघर्ष को दिखाया गया है। अपने प्रशंसकों के बीच ‘अम्मा’ के नाम से चर्चित रहीं जयललिता कभी सिनेमा में नहीं आना चाहती थीं। लाइमलाइट से दूर ही रहना चाहती थीं। सिमी ग्रेवाल को दिये इंटरव्यू में उन्होंने खुद इसका खुलासा किया था।

125 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वालीं जयललिता फिल्मी करियर छोड़ने के बाद राजनीति में आई थीं और अपने समय के सबसे पसंदीदा राजनेताओं में से एक बन गई थीं। उन्होंने साल 1991 से लेकर 2016 के बीच 14 साल से ज्यादा समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी। सिमी ग्रेवाल से बातचीत में जयललिता ने कहा था,”मेरे भाग्य में दो हाई प्रोफाइल करियर शामिल हुए, लेकिन दोनों मेरी पसंद के नहीं थे। उनका कहना था कि उन्हें कभी भी फिल्मों में करियर बनाना पसंद नहीं था, भले ही उनकी मां एक अभिनेत्री थीं।

जयललिता ने कहा था, “मुझे फिल्मी करियर में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मैं बहुत शर्मीली इन्सान थी। मैंने कभी भी चकाचौंध में सहज महसूस नहीं किया,”। उन्होंने आगे कहा, था, ‘अगर मैं अपने रास्ते चुन सकती, तो शायद मैं नोबेल पुरस्कार जीत जाती।” जयललिता ने बताया था कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं। हालांकि, घर में ऐसी परिस्थितियां बनीं कि उन्हें 16 साल की उम्र में फिल्म जगत में कदम रखना पड़ा था।

जयललिता ने इंटरव्यू में कहा था, ‘मैंने लगभग तीन दिनों तक कोशिश की थी… हंगामा किया, तर्क दिया। लेकिन 16 साल की उम्र में और क्या किया जा सकता था। मां ने पारिवारिक परिस्थितियों को समझाया। उसने मुझसे कहा कि उसे तमाम फिल्मों के प्रस्ताव नहीं मिल रहे हैं। मेरे दादा रिटयर हो गए थे। हमें अपने दादा-दादी, मेरी चाची और उनके बच्चों की देखभाल करनी थी। मेरे भाई की पढ़ाई भी पूरी नहीं हुई। मां ने मुझे समझा दिया था कि कोई दूसरा रास्ता नहीं है।”

जयललिता ने कहा था कि भले ही मुझे शास्त्रीय नृत्य से नफरत थी, लेकिन मैं देश के सर्वश्रेष्ठ शास्त्रीय नर्तकियों में से एक थी। मुझे अपने करियर और अपनी फिल्मों से नफरत थी। लेकिन मैं नंबर वन थी। हालांकि, मुझे यह नहीं कहना चाहि। मुझे राजनीति पसंद नहीं, लेकिन लोग कहते हैं कि मैं एक सफल राजनेता हूं। इस बात से मैं खुद हैरान हूं,”।

आपको बता दें कि एएल विजय द्वारा निर्देशित ‘थलाइवी’ 10 सितंबर को रिलीज होगी। थियेटर में रिलीज के चार हफ्ते बाद यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम होगी।

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