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औरतों को भी दें एक से ज्यादा पति रखने का हक; मुस्लिम कानूनों पर Javed Akhtar के बयान पर बवाल

जावेद अख्तर अक्सर अपनी बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में छाए रहते है वहीं एक बार फिर से उन्होंने औरतों को लेकर एक ऐसा बयान दिया कि वह विवादों में आ गए है।

औरतों को भी दें एक से ज्यादा पति रखने का हक; मुस्लिम कानूनों पर Javed Akhtar के बयान पर बवाल
जावेद अख्तर (image: indian express)

बॉलीवुड के जाने माने राइटर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) अक्सर बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। वह लगभग हर सामाजिक और राजनैतिक मुद्दे पर आपनी राय रखते हैं। लेकिन उनकी यह बातें कभी कभी उन पर भारी भी पड़ जाती है। इसी क्रम में उनका एक बयान पर काफी बवाल मचा हुआ है। बता दें कि ये विवादित बयान कॉमन सिविल कोड (Common Civil Code) के बारे में बात करते हुए दिया गया था।

दरअसल हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब (मुस्लिम) मर्द को एक वक्त में एक से ज्यादा पत्नी रखने का हक है तो औरतों को क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि ये बराबरी के खिलाफ है। अब जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के इस बयान पर लखनऊ में ऑल इंडिया शिया चांद कमेटी के प्रेसिडेंट मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने जावेद अख्तर से माफी मांगने की मांग की है।

जावेद अख्तर ने क्या कहा था

हाल ही में जावेद आख्तर ने दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में कॉमन सिविल कोड को समझाते हुए कहा कि ‘कॉमन सिविल कोड का मतलब केवल समुदायों के लिए एक कानून नहीं होता है बल्कि इसका अर्थ मर्दों और औरतों को समान अधिकार देना भी होता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक से ज्यादा बीवी रखने की इजाजत है, ये समानता के खिलाफ है। अगर पति कई पत्नियां रख सकता है तो फिर औरत को भी यही हक मिलना चाहिए। एक से ज्यादा शादी करना हमारे कानून के खिलाफ है। मैं पहले से ही कॉमन सिविल कोड का पालन करता हूं। मैं अपनी बेटी और बेटे को बराबर की प्रॉपर्टी दूंगा।’

जावेद अख्तर के बयान पर सैफ अब्बास नकवी ने जताई आपत्ति

ऑल इंडिया शिया चांद कमेटी के प्रेसिडेंट सैफ अब्बास नकवी ने जावेद अख्तर के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘यह बयान शर्मनाक है। एक बयान में महिलाओं को कई पति रखने की सलाह दी गई है। इसका जितना भी विरोध किया जाए उतना कम है। हिंदुस्तान में ऐसे कुछ लोग मीडिया में ऊल जलूल बयान देते हैं, जिससे कि वह खबरों का हिस्सा बने रहें। मुझे लगता है कि इस बयान पर हमारे देश की महिलाओं को कड़ा विरोध करना चाहिए। जावेद अख्तर को उस समय तक नहीं छोड़ना चाहिए जब तक वह पूरे देश की महिलाओं से माफी न मांगे लें। इस बयान के जरिए उन्होंने हमारे देश की तहजीब पर हमला किया है। आप देखें कोई भी महिला भले ही उसका पति जितना भी खराब हो, वह उसके साथ अत्याचार करता हो तो भी कभी भी महिला दूसरा विवाह करने के बारे में नहीं सोचती। वह उसी विवाह को निभाना चाहती है। इस तरह की सलाह निंदनीय है।’

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First published on: 07-12-2022 at 01:45:57 pm
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