ताज़ा खबर
 

जावेद अख्तर: स्ट्रगल के दौरान पेड़ के नीचे भी सोना पड़ा था, क्लैपर ब्वॉय थे जब सलीम खान से हुई पहली मुलाकात

Javed Akhtar Birthday: जावेद अख्तर ने 1981 में आयी यश चोपड़ा की फिल्म "सिलसिला" से गीतकार के तौर पर अपना करियर शुरू किया।

मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने करण के बच्चों के लिए कुछ खास किया है।

हिन्दी सिनेमा के 100 से ज्यादा लम्बे इतिहास में हीरो-हीरोइन और संगीतकारों की जोड़ियां ही ज्यादा लोकप्रिय रही हैं लेकिन मायानगरी की एक जोड़ी ऐसी भी है जिसके बिना हिन्दी फिल्मों की जोड़ियों का इतिहास नहीं लिखा जा सकता है। ये जोड़ी है पटकथा लेखक जोड़ी सलीम-जावेद की। इस जोड़ी के एक पाए पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर आज 72 साल को हो जाएंगे। जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। जावेद अख्तर के जन्मदिन पर आइए हम आपको उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें बताते हैं।

1- जावेद अख्तर का असली नाम जादू है। उनके पिता जां निसार अख्तर बड़े उर्दू शायर और फिल्म गीतकार थे। उनका नाम जां निसार अख्तर के गीत की पंक्ति, “लम्हा लम्हा किसी जादू का फसाना होगा” से आया था। जावेद नाम जादू से करीब था इसलिए स्कूल में उनका नाम स्कूली नाम जावेद रखा गया।

2- जावेद अख्तर की पहली पत्नी हनी ईरानी भी पटकथा लेखक थीं। हनी ईरानी का जन्मदिन भी 17 जनवरी को ही है। दोनों ने 1972 में शादी की। उस समय ईरानी की उम्र करीब 17 साल थी। अख्तर और ईरानी के दो बच्चे हैं फरहान अख्तर और जोया अख्तर। दोनों 1978 में अलग हो गये। 1985 में दोनों ने तलाक ले लिया। जावेद अख्तर ने 1984 में अभिनेत्री शबाना आजमी से दूसरी शादी की।

3- जावेद अख्तर 1964 में मुंबई पहुंचे। उनके पिता जां निसार अख्तर जाने-माने गीतकार और लेखक थे लेकिन जावेद अख्तर की उनसे पटरी नहीं बैठती थी। जावेद अख्तर ने फिल्मी दुनिया में जगह बनाने के लिए अपने पिता से मदद नहीं मांगी। 1971 में सलीम खान के साथ मिलकर पहली फिल्म “अंदाज” लिखने तक जावेद अख्तर को काफी संघर्ष करना पड़ा था।इस दौरान वो पेड़ों के नीचे सोए और इमारतों के बरामदों में तक सोकर रात गुजारनी पड़ी थी। आखिरकार उन्हें कमाल अमरोही के स्टूडियो में सिर छिपाने की जगह मिली थी।

4- जावेद अख्तर और सलीम खान की पहली मुलाकात एसएम सागर की फिल्म “सरहदी लूटेरा” के शूटिंग के दौरान हुई थी। फिल्म में सलीम खान अभिनय कर रहे थे और जावेद अख्तर पहले क्लैपर ब्वॉय के तौर पर काम कर रहे थे। एक दिन फिल्म का संवाद लेखक सेट पर नहीं पहुंचा तो निर्देशक एसएम सागर ने क्लैपर ब्वॉय जावेद अख्तर से संवाद लिखने के लिए कहा। सागर को जावेद अख्तर के लिखे संवाद इतने पसंद आए कि उन्होंने उन्हें फिल्म का संवाद लेखक बना दिया। इसी फिल्म के सेट पर जावेद और सलीम की दोस्ती हुई और सलीम-जावेद की जोड़ी का जन्म हुआ। सलीम-जावेद की पटकथा लेखक के तौर पर पहली फिल्म अंदाज में मुख्य भूमिका राजेश खन्ना ने निभायी थी। इस जोड़ी ने हिन्दी सिनेमा को 24 फिल्में दीं जिनमें जंजीर, दीवार, डॉन, शक्ति, सीता और गीता, शोले, क्रांति और मिस्टर इंडिया समेत कुल 20 फिल्में हिट रहीं।

5- पटकथा लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद जावेद अख्तर ने 1981 में आयी यश चोपड़ा की फिल्म “सिलसिला” से गीतकार के तौर पर अपना करियर शुरू किया। जावेद अख्तर उर्दू में शायरी किया करते थे और यश चोपड़ा उनकी कविताएं सुन चुके थे। चोपड़ा ने अख्तर को सिलसिला के गीत लिखने के लिए कहा। जावेद ने उनके इसरार पर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। अपनी पहली ही फिल्म से उन्होंने गीतकार के तौर पर अपनी पहचान बना ली। जावेद अख्तर को पांच बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। जावेद अख्तर को पटकथा लेखक और गीतकार के तौर पर एक दर्जन से ज्यादा फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें उनकी कविता संग्रह “लावा” के लिए उर्दू का साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App