जान्हवी कपूर ने हाल ही में अपनी मां, दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक उन्हें लगता था कि उनकी मां के जाने से ईश्वर ने उनके जीवन में मिली विलासिता और आराम को ‘संतुलित’ किया था। जान्हवी ने अब माना कि ऐसा सोचना उनके लिए सही नहीं था।

राज शमानी के पॉडकास्ट में पहुंची जान्हवी ने यह भी साझा किया कि कैसे उन्होंने अपने स्टार किड होने और सुविधा भरे जीवन के प्रति खुद को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह समझ उन्हें ज्यादा विनम्र और आभारी बनाती है।

उन्होंने तिरुपति बालाजी के मंदिर जाने के अनुभव को भी साझा किया। जान्हवी ने कहा कि वीआईपी दर्शन की सुविधा होने के बावजूद, वह उन लोगों के बारे में सोचती हैं जो घंटों या दिन तक इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा, ”जब मैं बालाजी के दर्शन करने जाती हूं, तो मुझे लगता है कि मुझे यह अधिकार अर्जित करना होगा। यह मेरे लिए सिर्फ सहज उपलब्धि नहीं है।”

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जान्हवी ने यह भी स्वीकार किया कि उनके जीवन में हमेशा सब कुछ आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ”जब मैंने सोचा कि ईश्वर ने मेरे लिए सब कुछ दिया और अब कुछ ले रहा है, तो यह मेरे लिए गलत था। यह केवल मेरे बारे में सोचने जैसा था, जो सही नहीं है। मेरी मां का जीवन सिर्फ मेरी मां होने तक सीमित नहीं था।”

जान्हवी ने अपनी मां के कठिन अनुभवों को भी याद किया, जब उन्हें लोगों की नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ”मैंने देखा कि लोग उनके साथ कितने निर्दयी थे। उन्होंने उन्हें घर तोड़ने वाली कहा और कई क्रूर बातें कही। लेकिन इतिहास उनके साथ दयालु है।”

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