विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ को आखिरकार सात महीने लंबी सेंसर प्रक्रिया के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से ‘A’ सर्टिफिकेट मिल गया है। हालांकि बोर्ड ने फिल्म को मंजूरी देने से पहले 12 बदलाव करने की शर्त रखी।

लंबे समय के इंतजार के बाद ये फिल्म अब 24 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मगर इससे पहले सीबीएफसी ने फिल्म से विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के संदर्भ हटाने, डॉ. बी.आर. आंबेडकर से जुड़े विजुअल बदलने, गिरते हुए भारतीय तिरंगे का सीन हटाने और कई डायलॉग को म्यूट करने जैसे बदलाव करने को कहा है।

‘जन नायकन’ में हुए ये बदलाव

सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिल्म में जहां-जहां टीवीके का जिक्र था, उसे हटाने या बदलने के निर्देश दिए गए। एक जगह ‘अंबेडकर सत्तम’ डायलॉग को ‘टीवीके सत्तम’ से बदला गया, जबकि अन्य जगहों पर टीवीके का इस्तेमाल पूरी तरह हटाया गया। इसके अलावा डॉ. बी.आर. आंबेडकर की तस्वीर वाले किताब के कवर के सभी विजुअल भी एडिट किए गए।

तिरंगे वाले सीन को हटाने के दिए निर्देश

फिल्म में एक सीन है जिसमें भारत का राष्ट्रीय ध्वज को जमीन पर गिरते हुए दिखाया गया है, इस सीन को फिल्म से पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही ‘भगवतम’, ‘रंगनाथर’, ‘थेविडिया पैया’, ‘ओत्था’, ‘ओम’, ‘इंडिया एन कल्ला विझा वैकरेन’ और ‘सिलुवैला’ जैसे कई शब्दों और डायलॉग को म्यूट किया गया। ‘पोनोड्डा’ से शुरू होने वाला एक पूरा डायलॉग भी हटाया गया।

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इसके अलावा फिल्म में बच्चे के जलने वाला सीन है, जिसे हटाकर नया विजुअल लगाने, जिला कलेक्टर कार्यालय के बैज/सिगरेट से जुड़े एक सीन को बदलने और फिल्म में बोले गए ‘शीला रानी’ नाम को भी बदलने के निर्देश दिए गए हैं।

फिल्म से हटाई गई 20 सेकेंड की फुटेज और बदले गई 10 सेकेंड के सीन

सेंसर बोर्ड के अनुसार, कुल 20 सेकेंड का फुटेज हटाया गया, जबकि 10 सेकेंड का हिस्सा बदला गया है। बदलावों के बाद फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 3 मिनट 11 सेकेंड है।

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लंबे समय से चल रहा था ‘जन नायकन’ पर विवाद

जन नायकन‘ पहले 9 जनवरी को पोंगल के मौके पर रिलीज होने वाली थी और दिसंबर 2025 में इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास भेजा गया था। शुरुआती आपत्तियों के बाद मामला रिवाइजिंग कमेटी तक पहुंच गया, जिससे प्रमाणन प्रक्रिया महीनों तक अटकी रही। इसके बाद निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद याचिका वापस ले ली गई। आखिरकार सात महीने के विवाद के बाद फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिल गया और अब यह 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।