जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन पर आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया। अब इस मामले की सुनवाई 11 जून को होनी है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस पी.के. मिश्रा और ए.एस. चंदुरकर की बेंच ने जैकलीन के वकील की तरफ से तत्काल सुनवाई की मांग के बाद मामले को लिस्ट करने पर सहमति जताई। एक्ट्रेस ने पटियाला हाउस कोर्ट के 30 मई के आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश में कहा गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच वाले मामले में PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत जैकलीन पर आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है।

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कोर्ट ने कही ये बात

30 मई को, एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने कहा कि ED की तरफ से कोर्ट में पेश किए गए सबूतों के आधार पर जैकलीन के खिलाफ़ प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला बनता है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसे पर्याप्त सबूत हैं, जिनसे पता चलता है कि जैकलीन को चंद्रशेखर के आपराधिक बैकग्राउंड के बारे में पता होने के बावजूद उससे लग्जरी तोहफे मिले थे।

कोर्ट ने आरोप तय करने का आदेश देते हुए कहा, “मेरा मानना ​​है कि शुरुआती तौर पर रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त सबूत हैं जिनसे यह मजबूत शक पैदा होता है कि आरोपी जैकलीन फर्नांडिस ने PMLA की धारा 3 के तहत अपराध किया है, जो PMLA की धारा 4 के तहत दंडनीय है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि वह सुकेश चंद्रशेखर के साथ मिलकर अपराध से हुई कमाई के इस्तेमाल को छिपाने में शामिल थीं।

3 जून को ट्रायल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले और अदिति सिंह से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की उगाही से जुड़े महाराष्ट्र कंट्रोल ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट के तहत दर्ज अलग मामले में चंद्रशेखर, जैकलीन और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए। जैकलीन कोर्ट में पेश हुईं और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए मामले में ट्रायल की मांग की। वह सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं।

जहां चंद्रशेखर ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपों पर साइन किए, वहीं खबर है कि उन्होंने MCOCA मामले में आरोपों पर साइन करने से इनकार कर दिया। उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल ने MCOCA कार्यवाही के दौरान विरोध जताते हुए आरोपों पर साइन किए।

सरकारी गवाह बनने की अर्जी ली वापस

कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 आरोपी हैं और MCOCA मामले में 17 आरोपी हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होनी है, जबकि MCOCA मामले की सुनवाई 14 जुलाई को होगी। इस साल की शुरुआत में, जैकलीन ने ED मामले में सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने के लिए अर्जी दी थी। हालांकि, एजेंसी द्वारा अनुरोध का विरोध किए जाने के बाद उन्होंने 16 अप्रैल को अर्जी वापस ले ली।

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