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बंगाली फिल्म रामधनु की कॉपी नहीं है इरफान खान की फिल्म हिंदी मीडियम!

फिल्म के बारे में शुरू में इस तरह की खबरें आई थीं कि यह फिल्म बंगाली फिल्म रामधनु की रीमेक है। हालांकि अब निर्देशक साकेत ने इन खबरों से इनकार किया है।

Author नई दिल्ली | April 9, 2017 6:56 PM
बॉलीवुड एक्टर इरफान खान और हुमा कुरैशी की फिल्म हिंदी मीडियम पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी।

बॉलीवुड स्टार इरफान खान की फिल्म हिंदी मीडियम का ट्रेलर 6 अप्रैल को जारी किया जा चुका है। हालांकि ट्रेलर रिलीज किए जाने के कुछ ही दिनों बाद फिल्म के एक बंगाली फिल्म की कॉपी होने की खबरें भी आना शुरू हो गईं। फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस सबा कमर और इरफान खान लीड रोल में हैं। फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म के निर्देशक साकेत चौधरी ने बताया- हिंदी मीडियम एक ऐसी कहानी है जो बताती है कि किस तरह ज्ञान का माध्यम शिक्षा असमानता फैलाने की एक वजह बन गई है। यह असमानता अंग्रेजी भाषा ने फैलाई है – स्कूल बनाम क्षेत्रीय भाषा के स्कूल, प्राइवेट स्कूल बनाम गवर्नमेंट स्कूल।

फिल्म के बारे में शुरू में इस तरह की खबरें आई थीं कि यह फिल्म बंगाली फिल्म रामधनु की रीमेक है। हालांकि अब निर्देशक साकेत ने इन खबरों से इनकार किया है। उन्होंने कहा- हमने अपनी स्क्रिप्ट पर रिसर्च की है और यह ऑरिजनल मैटेरियल पर आधारित है। मैं सभी से निवेदन करूंगा कि बिना तथ्यों को जाने किसी भी तरह के नतीजे पर नहीं पहुंचें, और तथ्यों को फिल्म देखने के बाद ही जांचा जा सकता है। जहां तक फिल्म रामधनु का सवाल है तो बता दें कि नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी सह-निर्देशित यह फिल्म एक ऐसी मां के बारे में है जो कि अपनी 5 साल की बच्ची को एक जाने माने स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है।

उसका पति एक मिडिल क्लास इंसान है जो कि दुकान चलाता है। वह अंग्रेजी नहीं बोल सकता लेकिन बावजूद इस सब के वह अपनी पत्नी की ख्वाहिश पूरी करने के लिए हर संभव कोशिश करता है। यहां तक कि वह स्कूल अथॉरिटीज को घूस तक देने की कोशिश करता है। फिल्म के ट्रेलर के रिलीज के वक्त इरफान खान ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया- मेरे क्लासमेट्स और टीचर्स को यह पता ही नहीं होता था कि मैं क्लास में हूं भी। मैं बहुत खोया-खोया रहता था, किसी को नहीं पता होता था कि मैं कहा हूं। जब मेरे टीचर्स मुझसे मेरा नाम पूछा करते थे, वह कभी मेरा जवाब नहीं सुन पाते थे, और फिर मुझे डांट कर वह मुझसे जोर से बोलने को कहा करते थे।

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