रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा देखने को मिल रहा है। फिल्म में एक्ट्रेस एक बार फिर अपने किरदार शिवानी शिवाजी रॉय की भूमिका में नजर आईं। फिल्म के हालिया सीक्वल में एक्ट्रेस के किरदार ने तस्करी रैकेट का सफाया किया। ऐसा कहा जाता है कि फिल्में समाज का आईना होती हैं। यही कारण है कि फिल्मों में दिखाई गई कुछ घटनाएं असल कहानियों या किरदारों से प्रेरित पाई जाती हैं। आज जिक्र एक ऐसी आईपीएस का कर रहे हैं, जिसने असल जिंदगी में रानी मुखर्जी के फिल्म के किरदार की तरह तस्करी रैकेट का सफाया किया था।

अपराध से जुड़ी घटनाओं को उजागर करने का काम अक्सर कुछ जांबाज पुलिस अधिकारी करते हैं। फिल्मों में अक्सर इस तरह के किरदारों को दिखाया जाता है, जो जुर्म की दुनिया के अपराध को कम करने के लिए कदम उठाते हैं। रानी मुखर्जी की मर्दानी 3 की कहानी को खूब सराहा जा रहा है। यहां जिक्र एक ऐसी आईपीएस का कर रहे हैं, जिन्होंने रियल लाइफ में बच्चों की तस्करी करने वाले रैकेट का सफाया किया। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

रियल लाइफ की ‘मर्दानी’ IPS अफसर मल्लिका बनर्जी कौन हैं?

आईपीएस अफसर मल्लिका बनर्जी ने साल 2016 में छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान बच्चों की तस्करी के रैकेट का भांडाफोड़ किया था। इसके लिए उन्होंने अंडरकवर मिशन किया। मामला यह था कि उस समय नौकरी के नाम पर बच्चों के अचानक गायब होने का मामला सामने आ रहा था, जिसे सुलझाने में पारंपरिक पुलिसिंग के तरीके कारगर साबित नहीं हो रहे थे। शिकायत अधूरी रह जाती, और परिवार भी डर के कारण पीछे कदम खींच लेते थे। ऐसे में मल्लिका बनर्जी ने अंडरकवर मिशन की शुरुआत की। वर्दी उतारकर उन्होंने डोर-टू-डोर सेल्सवुमन बनकर घूमना शुरू किया।

इस अंडरकवर मिशन के दौरान उन्हें पता चला कि फर्जी प्लेसमेंट एजेंसिया लोगों की गरीबी का फायदा उठाकर बच्चों को रोजगार का सपना दिखा रही थं, जो बाद में शोषण में बदल जाता था। बता दें कि उनकी कार्रवाई के बाद 25 अवैध एजेंसियों का पर्दाफाश हुआ, और करीब 20 बच्चों को मिशन के तहत मुक्त कराया गया। इस मामले ने साफ किया कि मानव तस्करी का अपराध कितना ज्यादा बड़ा रूप लेता जा रहा है।