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इंदिरा गांधी ने अपनी हत्या से ठीक पहले बेटे राजीव को अमिताभ बच्चन को लेकर दी थी चेतावनी, कहा था- इन 2 बातों को कभी मत भूलना

मीटिंग में इंदिरा ने राजीव से हमेशा दो बातों का ध्यान रखने को कहा था। पहला, उन्होंने कहा था कि कभी भी तेजी के बेटे अमिताभ बच्चन को राजनीति में लाने की कोशिश मत करना और...

Indira Gandhi, Sanjay Gandhi, Amitabh Bachchanअमिताभ बच्चन-राजीव गांधी और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी। (फाइल फोटो)

बच्चन और गांधी-नेहरू परिवार की दोस्ती इलाहाबाद के दिनों की थी। पहली बार ‘आनंद भवन’ में सरोजिनी नायडू ने हरिवंश राय बच्चन और उनकी पत्नी तेजी बच्चन की इंदिरा गांधी से मुलाकात करवाई थी। दोस्ती का यह सिलसिला दिल्ली तक कायम रहा और अगली पीढ़ी ने इसे और मजबूत किया। सियासी गलियारों में राजीव गांधी और अमिताभ की दोस्ती के तमाम किस्से मशहूर हैं। बाद में राजीव के कहने पर ही अमिताभ बच्चन राजनीति में भी आए थे।

नाराज हो गई थीं तेजी बच्चन: हालांकि बहुत कम लोगों को पता है कि इंदिरा गांधी ने अपने बेटे राजीव को अमिताभ को लेकर साफ-साफ चेताया था और नसीहत दी थी। इंदिरा नहीं चाहती थीं कि अमिताभ बच्चन कभी राजनीति में आएं। इसकी पटकथा साल 1980 में तब लिखी गई थी, जब इंदिरा गांधी ने नरगिस को राज्यसभा भेजने के लिए चुना। उनके इस फैसले से कथित तौर पर तेजी बच्चन काफी ख़फा हो गई थीं।

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राशिद किदवई अपनी किताब ‘नेता-अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पावर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में लिखते हैं कि तब इंदिरा ने अपने इस फैसले का यह कहते हुए बचाव किया था कि नरगिस इसे डिजर्व करती हैं। हालांकि इसको लेकर लंबे वक्त तक इंदिरा गांधी और तेजी बच्चन के बीच तनाव रहा।

अमिताभ को लेकर दी थी चेतावनी: किदवई अपनी किताब में कांग्रेस के दिवंगत नेता माखन लाल फोतेदार के हवाले से लिखते हैं कि इंदिरा गांधी ने 31 अक्टूबर, 1984 को अपनी हत्या से ठीक पहले ही राजीव को अमिताभ बच्चन को लेकर चेतावनी दी थी। इंदिरा ने राजीव और अरुण नेहरू को साथ मीटिंग के लिए बुलाया था। तब राजीव गांधी कांग्रेस के महासचिव हुआ करते थे।

‘दो बातों का रखना ध्यान’: बकौल फोतेदार, इस मीटिंग में इंदिरा ने राजीव से हमेशा दो बातों का ध्यान रखने को कहा था। पहला, उन्होंने कहा था कि कभी भी तेजी के बेटे अमिताभ बच्चन को राजनीति में लाने की कोशिश मत करना। इस पर राजीव ने एक शब्द भी नहीं कहा था। इंदिरा ने जो दूसरी नसीहत दी थी, वो ग्वालियर के पूर्व महाराजा माधवराव सिंधिया को लेकर थी। इंदिरा ने राजीव को आगाह करते हुए कहा था कि वे हमेशा सिंधिया से उचित दूरी बनाकर रखें।

राजीव के कहने पर ही आए राजनीति में: आपको बता दें कि बाद में राजीव गांधी के कहने पर ही अमिताभ बच्चन चुनावी राजनीति में आए और साल 1984 में उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने यूपी के पूर्व सीएम रहे हेमवती नंदन बहुगुणा को करीब पौने दो लाख वोटों से हरा दिया था। हालांकि तीन साल के अंदर ही उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया था।

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