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एक लड़की को देखा…या टोटल धमाल… मेरी हर तरह की किरदार निभाने की तमन्ना: अनिल कपूर

सदाबहार अभिनेता अनिल कपूर अपनी नई फिल्मों एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा और टोटल धमाल को लेकर चर्चा में हैं।

Author February 1, 2019 12:42 PM
अनिल कपूर (Source: Anil Kapoor/ @anilskapoor)

आरती सक्सेना
सदाबहार अभिनेता अनिल कपूर अपनी नई फिल्मों एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा और टोटल धमाल को लेकर चर्चा में हैं। इन दोनों ही फिल्मों मेें वे एकदम अलग अंदाज में नजर आए हैं। अनिल कपूर ने अपनी इन दोनों फिल्मों के बारे में तो बताया ही, साथ में अपने सदाबहार रहने के राज भी खोले। पेश है बातचीत…

सवाल : एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा भावनात्मक फिल्म है जबकि टोटल धमाल इससे जुदा है और आप धमाल करते दिखाई दे रहे हैं?
’यह इत्तफाक ही है कि मेरी इन दोनों ही फिल्मों में मेरा किरदार एकदम अलग है। एक फिल्म में मैं जहां गंभीर, धनवान और भावुक पिता का किरदार निभा रहा हूं, वहीं टोटल धमाल में धमाल करता नजर आऊंगा। लिहाजा ये दोनों में ही फिल्में मेरे लिए खास हैं।
सवाल : आपकी पिछली फिल्मों फन्ने खां और रेस3 को दर्शकों ने नहीं सराहा। इस पर आप क्या कहेंगे?
’नहीं, मैं आगे बढ़ने में विश्वास करता हूं। फन्ने खां ने बहुत अच्छा बिजनेस नहीं किया, लेकिन रेस3 फ्लॉप कहलाने के बावजूद दो सौ करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। फिल्म का हिट या फ्लॉप होना दर्शक की पंसद पर निर्भर करता है। हमारा काम तो अभिनय करना है।
सवाल : इतने साल बाद सोनम और आप एक साथ एक फिल्म में नजर आने वाले हैं। कैसा अनुभव रहा?
’सोनम एक अच्छी अभिनेत्री है। एक लड़की को देखा… में उसने बहुत अच्छा अभिनय किया है। लिहाजा जब मैं उसको अभिनय करते देखता था तो मुझे बहुत खुशी होती थी। वह देखते ही देखते इतनी अच्छी अभिनेत्री बन गई है। मुझे पूरा यकीन है कि उसकी यह फिल्म भी सराही जाएगी।

सवाल : आपकी एक और फिल्म टोटल धमाल रिलीज के लिए तैयार है। इसमें काफी सारे कलाकार हैं, जिनके साथ आप पहले भी काम कर चुके हैं। ऐसे में फिल्म में काम करना कितना धमाल भरा रहा?
’इतना धमाल रहा कि मैं बयान नहीं कर सकता। हम सभी कई बार तो हंस-हंस के पागल हो जाते थे। फिल्म में एक से एक अभिनेता अजय देवगन, जावेद जाफरी, जानी लीवर, अरशद वारसी और सोने पे सुहागा निर्देशक रोहित शेट्टी हैं। लिहाजा सेट पर बहुत धमाल होता था। दर्शक इस फिल्म को देखकर बहुत आनंद लेंगे।

सवाल : बतौर अभिनेता आपने कई सारी फिल्में खारिज की होंगी। अब आप निर्माता भी हैं। जब आपको सितारों के पीछे भागना पड़ता है तो कैसा लगता है?
’मेरे खास दोस्त आदि चोपड़ा ने एक बात कही थी जो मैंने गांठ बांध ली। वह यह कि किसी भी बात का बुरा नहीं मानना। अगर कोई एक बार ना कहे तो उसके बाद दूसरी, तीसरी बार जाओ। नई-नई चीजें लेकर जाओ। मैं भी वैसा ही करता हूं। पेशेवर हूं। मैं ही सामने से झुक जाता हूं। माफी भी मांग लेता हूं अगर जरूरत पड़ती है तो। मेरी फिल्म वीरे दी वेडिंग के दौरान कोई भी अभिनेत्री काम को तैयार नहीं थी। फिर भी फिल्म बनी।

सवाल : आप बॉलीवुड के सबसे चुस्त-दुरुस्त हीरो के रूप में जाने जाते हैं। 58 की उम्र में यह सुन कर कैसा लगता है? ’आप ने मुझे नया नाम दे दिया वर्ना तो आज भी लोग मुझे देखते ही झकास बोले बिना नहीं रह पाते हैं। मुझे खुशी होती है जब लोग मुझे कम उम्र का बोलते हैं। हालांकि मेरे लिए उम्र मायने नहीं रखती। यह सिर्फ एक गिनती है। दिल जवां तो हम जवां। और हम जवां तो सब जवां। कहने का मतलब यह है कि चुस्त-दुरुस्त और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहना भी अच्छी और सकारात्मक सोच का नतीजा है। सवाल : आज अभिनेताओं में सिक्स पैक का बोलबाला है लेकिन आपने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया? ’हमारे जमाने में अभिनय को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती थी। मेरा मानना है कि बॉडी बनाने से ज्यादा जरूरी है हमेशा चुस्त रहना।

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