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…और इस तरह बैंक कर्मचारी से CID के ACP प्रद्युमन बन गए ‘कुछ तो गड़बड़ है दया’ बोलने वाले शिवाजी

सोनी टेलीविजन के पॉपुलर क्राइम बेस्ड शो सीआईडी(CID) में शिवाजी साटम करीब 19 सालों से एसीपी प्रद्युमन का किरदार निभा रहे हैं। इसके चलते शिवाजी और उनका यह किरदार दर्शकों में बहुत पॉपुलर है।

क्या आप जानते हैं कि शिवाजी साटम को यह रोल कैसे ऑफर हुआ था।

सोनी टेलीविजन के पॉपुलर क्राइम बेस्ड शो सीआईडी(CID) में शिवाजी साटम करीब 19 सालों से एसीपी प्रद्युमन का किरदार निभा रहे हैं। इसके चलते शिवाजी और उनका यह किरदार दर्शकों में बहुत पॉपुलर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवाजी साटम को यह रोल कैसे ऑफर हुआ। दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान साटम ने बताया था कि बीपी सिंह ने जब सीआईडी(CID) बनाने का फैसला किया तो उन्होंने मुझे एसीपी प्रद्युमन का किरदार ऑफर किया। साटम ने कहा था कि उन्होंने इससे पहले एक मराठी नाटक 100 में पुलिस वाले का रोल किया था। साटम ने बताया कि जब यह शो शुरू हुआ था तो उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह नाटक इतना पॉपुलर हो जाएगा। उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के माध्यम से इस क्राइम बेस्ड शो के एसीपी प्रद्युमन के किरदार को जानदार बना दिया। उनका डायलॉग ‘कुछ तो गड़बड़ है दया’ खासतौर पर लोगों के बीच फेमस है।

साटम शो में काम करने से पहले मुंबई के वर्ली नाका शाखा के एक बैंक में फिक्‍स डिपॉजिट डिपार्टमेंट में काम करते थे। इसके बाद शिवाजी ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन की दुनिया से ही की। लेकिन बाद में उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया।

साटम फिल्म ‘नायक’ में अनिल कपूर तो ‘जिस देश में गंगा रहता है’ में गोविंदा के पिता का किरदार बखूबी निभाया है। इसके अलावा भी साटम ने कई हिट फिल्मों में काम किया है लेकिन आज भी उनकी पहचान सीआईडी के एसीपी प्रद्युमन के रूप में ही होती हैं।

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