हॉलीवुड एक्टर जॉन क्यूसैक ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के प्रति समर्थन किया है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की तस्वीर शेयर की है। जिसके साथ उन्होंने एक नोट भी लिखा है।
गुरुवार को ‘सेरेंडिपिटी’ और ‘हाई फिडेलिटी’ जैसी फिल्मों के अभिनेता जॉन क्यूसैक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अरुंधति रॉय का लेख ‘कॉकरोच डेमोक्रेसी: अनार्म्ड एंड डेंजरस’ शेयर किया। इस लेख में संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग की आलोचना की गई है।
लेख साझा करते हुए क्यूसैक ने लिखा, “मेरे पसंदीदा साथी कॉकरोच की ओर से आई खूबसूरत खबर। कॉकरोच डेमोक्रेसी: बिना हथियार के भी खतरनाक।”

यूजर्स के रिएक्शन
क्यूसैक की पोस्ट पर तमाम लोगों ने कमेंट किया है। एक यूजर ने लिखा, “भारत के लिए बोलने के लिए धन्यवाद।” एक यूजर ने पूछा, “आपका पसंदीदा कॉकरोच कौन है?” वहीं एक यूजर ने क्यूसैक को सलाह देते हुए लिका, “भारत के मामलों में दखलंदाजी न करें, खासकर तब जब भारत विरोधी अरुंधति रॉय इसमें शामिल हों, जिन्होंने कहा है कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। वह सीआईए, खालिस्तान, सोरोस आदि की एजेंट हैं। अन्य लोग जो इसमें शामिल हैं, वे NEET के छात्र नहीं हैं। उन्हें भारत विरोधी समूह अस्थिरता फैलाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।”
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पहले भी भारत के मुद्दों पर बोल चुके हैं जॉन क्यूसैक
यह पहली बार नहीं है जब जॉन क्यूसैक ने भारत में छात्र आंदोलनों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया हो। वर्ष 2019 में उन्होंने संशोधित नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था और जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की थी।
CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान क्या हुआ?
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के आह्वान पर दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक जुटे। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया, पुलिस की बात नहीं मानी और कई बार समझाने के बाद भी वहां से नहीं हटे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने लागू नियमों का उल्लंघन किया।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने, जिनकी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में नहीं थी, उनके साथ मारपीट की।
