बॉलीवुड अभिनेता राराजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में उन्हें दोषी मानते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा। फैसला सुनाते हुए अदालत ने राजपाल यादव के आचरण को ‘संदिग्ध’ बताया और संबंधित अधिकारियों को उन्हें दोबारा जेल भेजने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने उनकी सजा में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजपाल के बदलते बयानों के चलते हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया है।

राजपाल यादव इस चेक मामले में बेल पर बाहर थे। अब फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने न केवल उन्हें दोषी माना है, बल्कि उन्हें तीन महीने की सजा भी सुनाई है।

क्या है मामला?

साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई और इसके बाद कर्ज चुकाने में कथित चूक हुई और मामला लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गया।

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अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। साल 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की।

जून 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए उन्हें करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान करने के लिए “ईमानदार और गंभीर प्रयास” करने का निर्देश दिया था। लेकिन इस साल 2 फरवरी को अदालत ने यह कहते हुए उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया कि वह बार-बार भुगतान के अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। जिसके बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में भावुक होकर कहा था, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता।” इसके बाद उन्होंने सरेंडर किया और उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…