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लता भट्ट से बन गईं हेमलता, गाए 5 हजार से ज्यादा गाने

अपनी मधुर मखमली आवाज से सभी पर जादू बिखेरने वाली पाश्र्वगायिका हेमलता को भारतीय सिनेमा में गाए उनके अनूठे गीत उन्हें अन्य कलाकारों से अलग पहचान दिलाते हैं।

हेमलता

अपनी मधुर मखमली आवाज से सभी पर जादू बिखेरने वाली पाश्र्वगायिका हेमलता को भारतीय सिनेमा में गाए उनके अनूठे गीत उन्हें अन्य कलाकारों से अलग पहचान दिलाते हैं। उनके गीत आज भी कानों में रस घोल देते हैं।

उन्होंने 5000 से अधिक गीत गाए, जिसमें क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय हर तरह के गीत शामिल हैं।हेमलता ने 13 साल की उम्र में ही गायकी के क्षेत्र में कदम रखा। उनका असली नाम लता भट्ट है, लेकिन उन्हें हेमलता या हेमलता बाली के नाम से जाना जाता है। उनका पहला विवाह अभिनेत्री योगिता बाली के भाई योगेश बाली से हुआ था।

हेमलता का जन्म 16 अगस्त, 1954 को हैदराबाद में हुआ था, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के चुरू जिले के सेहला गांव का निवासी है। गाने का शौक उन्हें बचपन से ही था, मगर रूढ़िवादी मारवाड़ी ब्राह्मण परिवार में होने के कारण उन्हें गाने का मौका नहीं मिलता था। वह पूजा पंडाल में पीछे छुपकर गाया करती थीं।

हेमलता के पिता का नाम पंडित जयचंद भट्ट और मां का अंबिका भट्ट है। हेमलता के तीन भाई भी हैं। उनके वर्तमान पति का नाम दिलीप सेनगुप्ता है। हेमलता ने वर्ष 1977 में फिल्म ‘चितचोर’ के शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीत ‘तू जो मेरे सुर में’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पाश्र्वगायिका का पुरस्कार जीता था। 1977 से 1980 के बीच वह पांच बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित हुई थीं।

उन्होंने विभिन्न भारतीय फिल्मों, संगीत, टीवी धारावाहिकों, संगीत अलबम को अपनी मधुर आवाज दी। इसके साथ ही उन्होंने ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया’, ‘तू इस तरह से मेरी जिंदगी में’ जैसे यादगार गीत गाए हैं, जो आज भी युवाओं के सिर चढ़कर बोलते हैं।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में एसडी बर्मन, एन. दत्ता, सलिल चौधरी, चित्रगुप्त, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, कल्याणजी आनंदजी, राजकमल, उषा खन्ना और रवींद्र जैन सहित कई प्रसिद्ध संगीतकारोंके साथ काम किया। वह बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों -जैसे नूतन, शबाना अजमी, रेखा, हेमा मालिनी, रामेश्वरी, योगिता बाली, सारिका व माधुरी दीक्षित की आवाज भी बनीं।

हेमलता का व्यक्तिगत जीवन रूपहले पर्दे की तरह ही है। उनकी पहली शादी योगेश बाली के साथ हुई, जो बाल कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे। लीवर की बीमारी के कारण उनकी मौत 25 जनवरी, 1988 को हो गई। वह कुछ दिनों रवींद्र जैन के संपर्क में रहीं, फिर किन्हीं कारणों से दोनों के बीच अलगाव हो गया। इसके बाद उनकी शादी दिलीप सेनगुप्ता के साथ हुई।

उल्लेखनीय है कि 38 भाषाओं में गाना गा चुकीं हेमलता न सिर्फ अपने करियर का, बल्कि अपनी जिंदगी का भी दूसरा दौर जी रही हैं। वह दिलीप से शादी करने के बाद बेहद सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका आदित्य बाली नामक एक बेटा भी है, जो अभिनय की दुनिया में उतरने को तैयार है।

हाल के वर्षो में गुमनाम रहीं हेमलता इन दिनों अपने पति दिलीप की संगीत कंपनी के सहारे अपने करियर की दूसरी पारी के लिए काम कर रही हैं।

 

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