अभिनेत्री हेमा मालिनी 70 और 80 के दशक की सबसे मशहूर और काबिल अभिनेत्री रहीं हैं। उन्होंने अपने समय में एक से बढ़कर एक फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। एक्ट्रेस उस समय भी खबरों का हिस्सा बनी रहती थीं। उनको लेकर बताया जाता था कि वह 70 के दशक में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थीं। हाल ही में उन्होंने इस अफवाह पर अपना रिएक्शन दिया। हेमा मालिनी को आखिरी बार साल 2020 में फिल्म ‘शिमला मिर्ची’ में देखा गया था, इसके बाद एक्ट्रेस को किसी फिल्म में नहीं देखा गया।

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अब एक इंटरव्यू में ड्रीम गर्ल ने बताया कि अब वह फिल्में नहीं करना चाहती हैं। उनका कहना था कि जब तक कोई बहुत अच्छा रोल ना मिले, तब तक वह कोई फिल्म नहीं करेंगी।

70 के दशक की सबसे महंगी एक्ट्रेस

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थी। इस पर जवाब देते हुए हेमा मालिनी ने बताया कि ये सच नहीं है। हिंदी रश के साथ बातचीत में हेमा मालिनी ने इस बात से साफ इनकार किया कि वह कभी बॉलीवुड की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री नहीं थीं। उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। आपको यह किसने बताया? मुझे बहुत कम पैसे मिलते थे। मुझे कभी इतनी बड़ी रकम नहीं मिली।”

हेमा ने बताया कि उस दौर के निर्माता-निर्देशक उन्हें बेहद पसंद करते थे, लेकिन उन्होंने कभी पैसों के लिए काम नहीं किया। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे उनकी लोकप्रियता बढ़ी, उनकी फीस भी धीरे-धीरे बढ़ती गई, लेकिन उन्हें कभी वह भारी-भरकम रकम नहीं मिली, जो आज की अभिनेत्रियों को मिलती है।

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हेमा को पैसो को बारे में मां से मिली थी समझ

उन्होंने कहा, “आज की अभिनेत्रियों को जितनी फीस मिलती है, उसका एक छोटा-सा हिस्सा भी मुझे नहीं मिला। लेकिन उस समय हमने जो काम किया और जो प्यार और सम्मान कमाया, वही हमारी असली कमाई थी, पैसों से कहीं ज्यादा बड़ी।”

हेमा मालिनी ने बताया कि पैसों को लेकर उनका नजरिया काफी हद तक उनकी मां जया चक्रवर्ती से मिला था, जो उनके करियर के शुरुआती दिनों में उनकी मैनेजर भी थीं। उन्होंने कहा कि उनकी मां निर्माता-निर्देशकों के प्रति काफी उदार थीं और अगर कोई प्रोड्यूसर किसी शूट के लिए पैसे देने में असमर्थ होता था, तो वह कभी दबाव नहीं बनाती थीं।

लिफाफे में मिलते थे पैसे

हेमा ने याद करते हुए कहा, “फिल्म ‘मीरा’ के दौरान तो निर्माता के पास बिल्कुल पैसे नहीं थे। उस समय हम पैसों की मांग नहीं करते थे। प्रोड्यूसर जितनी रकम एक लिफाफे में देकर भेज देते थे, हम उसे वैसे ही स्वीकार कर लेते थे, जैसे कोई भिक्षा मिल रही हो।”

इस इंटरव्यू में हेमा ने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में उन्होंने फिल्मों से दूरी क्यों बना ली। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही बहुत काम कर चुकी हूं। मुझे सिनेमा के उस सुनहरे दौर में काम करने का मौका मिला, जिसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं। 70 और 80 के दशक में काम करने वाले हम सभी कलाकार खुशकिस्मत हैं कि हमें इतने शानदार गाने और बेहतरीन कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। उस दौर की तुलना आज के समय से नहीं की जा सकती। आज का सिनेमा और माहौल बिल्कुल अलग है।”