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कोरोना-ऑक्सीजन पर मोदी सरकार ने दिया ऐसा बयान, बोले कुमार विश्वास- एक-एक सांस के लिए दिन-रात जुटे थे, शर्मिंदा हूं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ़ राज्यसभा में मंगलवार को कहा गया कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई है। कुमार विश्वास ने सरकार के इस बयान पर दुख जताते हुए कहा है कि वो शर्मिंदा हैं।

कुमार विश्वास ने सरकार के ऑक्सीजन पर दिए गए बयान पर दुःख जताया है (Photo-File/Indian Express/Tashi Tobgyal)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ़ राज्यसभा में मंगलवार को कहा गया कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई है। सरकार ने कहा है कि किसी भी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश ने यह नहीं बताया कि कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई। कोविड की दूसरी लहर में देश भर में जिस तरह से ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था, लोग मर रहे थे, ऐसे में अब सरकार के इस बयान पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। कुमार विश्वास ने सरकार के इस बयान पर दुख जताते हुए कहा है कि वो शर्मिंदा हैं।

कुमार विश्वास ने सरकार के बयान की खबर शेयर करते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘हे ईश्वर! उस दौर में एक-एक सिलेंडर, एक-एक सांस जुटाने के लिए दिन रात जुटे रहे आप सभी दोस्तों के सामने शर्मीदा हूं पर आप सब मन छोटा मत कीजिए। हम सबने न तब मैदान छोड़ा था न आगे कभी किसी मुश्किल दौर में मैदान छोड़ेंगे।’

सरकार के इस बयान पर आम लोगों की भी नाराजगी देखने को मिल रही है। शुभम मिश्र नाम के एक यूजर ने एक खबर शेयर किया जिसमें उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक राजकुमार अग्रवाल के बेटे की मौत अस्पताल की लापरवाही और ऑक्सीजन की कमी से हुई बताई गई है।

 

 

खबर शेयर करते हुए यूजर ने लिखा, ‘सरकार ने राज्यसभा में कहा है कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोई मौत नहीं हुई, तो फिर इस BJP विधायक के बेटे ने क्या खुद का गला दबाकर आत्महत्या कर ली थी? आम आदमी की तो कोई गिनती ही नहीं है सरकार की नजर में, घटियापन की हद है! कुछ भी…।’

विकास गौर नाम के एक यूजर ने कोरोना काल में वायरल हुई एक तस्वीर को शेयर किया है जिसमें ऑटो में बैठी एक महिला अपने पति के मुंह में हवा देकर उन्हें जिंदा रखने को कोशिश कर रही है। हालांकि बाद में उस व्यक्ति की मौत हो गई थी। तस्वीर शेयर करते हुए यूजर ने तंज किया, ‘ये महिला क्या अपने पति का खून चूस रही है?’

 

विजय लक्ष्मी त्रिपाठी नाम की एक यूजर लिखती हैं, ‘ये कहां की बात हो रही है ? बड़े से बड़े हॉस्पिटल में भी ऑक्सीजन की किल्लत थी और सरकारी अस्पतालों में तो नॉर्मल ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नही थी.. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात कर रही हूं।’

नेहा चौधरी नाम की एक यूजर ने व्यंग के लहजे में लिखा, ‘ऑक्सीजन की कमी से कोई मरा नहीं था.. मुझे लगता है कि कोई कोरोना वायरस भी नहीं है।’

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