Happy Women's Day 2018 Quotes, Happy International Women's Day or Antarrashtriya Mahila Diwas Songs: Listen these Bollywood Controversial Songs on Women - Women's Day 2018: इन 10 फिल्‍मी गानों में औरतों को इंसान नहीं, समझा गया है सामान - Jansatta
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Women’s Day 2018: इन 10 फिल्‍मी गानों में औरतों को इंसान नहीं, समझा गया है सामान

International Women's Day 2018: हम यहां पर आपके सामने कुछ फिल्मों के ऐसे ही गानों को आपके सामने पेश करने जा रहे हैं जिनमें महिलाओं को महज एक सेक्स ऑब्जेक्ट के तौर पर प्रदर्शित किया गया है।

Happy Women’s Day 2018: “फेविकोल से” और “चिकनी चमेली” गाने के वीडियो से दो दृश्य।

Happy Women’s Day 2018: 8 मार्च को सारी दुनिया विश्व महिला दिवस मना रही है। बॉलीवुड सेलेब्स भी तमाम के पोस्ट कर रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड स्टार्स एक तरफ तो इस तरह ही पोस्ट करके फेमिनिज्म का सपोर्ट करते हैं दूसरी तरफ फिल्मों में दिखाई जाने वाली सामग्री महिलाओं को एक ऑब्जेक्ट की तरह पेश करती है। हम यहां पर आपके सामने कुछ फिल्मों के ऐसे ही गानों को आपके सामने पेश करने जा रहे हैं जिनमें महिलाओं को महज एक सेक्स ऑब्जेक्ट के तौर पर प्रदर्शित किया गया है। फिल्मों को प्रमोट करने के लिए लिखे गए कई आइटम सॉन्ग्स में कई बार “इतना तो चलता है” तर्क का इस्तेमाल किया जाता है। आप खुद ही इन्हें देख कर इस बात का फैसला कीजिए कि क्या यह सही है या गलत।

चिकनी चमेली, अग्नीपथ (2012)
ऋतिक रोशन और संजय दत्त स्टारर इस फिल्म में कैटरीना कैफ के एक आइटम नंबर को फिल्म के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया गया था। गाना 2012 की टॉप सॉन्ग लिस्ट में आया और लोगों ने इसे खूब मजे लेकर सुना। लेकिन ज्यादातर लोग इस बार को इग्नोर कर गए कि गाने में एक महिला को एक सेक्स ऑब्जेक्ट के तौर दिखाया गया था।

चीज बड़ी, मशीन (2017)
निर्देशक अब्बास बर्मावाला के बेटे मुस्तफा बर्मावाला को लीड एक्टर के तौर पर कास्ट करके बनाई गई इस फिल्म में फिल्म मोहरा के गाने “तू चीज बड़ी है मस्त मस्त” को रीमेक किया गया। इस गाने को दर्शकों में पार्टी सॉन्ग के तौर पर खूब इंजॉय किया लेकिन जिस तरह से गाने में लड़की को एक ‘चीज’ के तौर पर दिखाया गया उसे लोग नजरअंदाज कर गए।

डिंग डॉन्ग, मुन्ना माइकल (2017)
कमाल की बात यह रही कि यह गाना साल 2017 में आई फिल्म “मुन्ना माइकल” में था। इससे कम से कम यह तो साबित हो जाता है कि नए दौर में भी ऐसे गानों का बनाया जाना और उन्हें इंजॉय किया जाना जारी है।

कभी कभी, कभी-कभी (1976)
ऐसा नहीं है कि ये सब नए दौर में ही होता है। पुराने जमाने में भी ऐसे गाने लिखे जाते रहे हैं जिनमें लड़की को एक ऑब्जेक्ट के तौर पर दिखाया जाता रहा। क्या आप गाने की उस लाइन को भूल गए जिसमें कहा गया- ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं। इस गाने के बोल लिरिक्स राइटर शहीर लुधियानवी द्वारा लिखे गए थे।

ब्राउन रंग, यो यो हनी सिंह (2011)
मशहूर सिंगर हनी सिंह अपने गानों के विवादित बोलों के चलते शुरू से सुर्खियों में रहे हैं। शायद ही उनका कोई ऐसा गाना हो जिसमें उन्होंने शराब और शबाब की बात नहीं की हो। उनके गाने ब्राउन रंग में एक लाइन है- बन मितरा की होर (वेश्या), आई मीन मितरा ही हो।

फेविकोल से, दबंग 2 (2012)
साल 2012 में आई सलमान खान की फिल्म दबंग-2 में आया गाना फेविकोल से दबंग के पहले पार्ट में आए गाने मुन्नी बदनाम हुई जितना ही पसंद किया गया। लेकिन फिल्म के गाने की तरफ किसी ने खास गौर नहीं किया। फिल्म के गाने में एक जगह बोल हैं- मैं तो तंदूरी मुर्गी हूं यार, गटका ले सईंया एल्कोहॉल से।

चिटियां कलाईयां, रॉय (2015)
फिल्म के इस गाने में लड़की लड़के को अपनी कलाइयों के माध्यम से रिझाने की कोशिश कर रही है। फिल्म का गाना यूं तो बहुत पॉपुलर हुआ लेकिन एक बार फिर से लोग इसके लिरिक्स को इग्नोर कर गए।

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