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सबरंग, ताजातरीन: इस साल डराने के साथ हंसाएगा भी बॉलीवुड

मांस, एक्शन, इमोशन के बाद बॉलीवुड में सस्पेंस-हॉरर फिल्मों का चलन बहुत पुराना है। ऐसी फिल्मों को खूब कामयाबी भी मिली।

Updated: January 8, 2021 11:50 AM
सस्पेंस-हॉरर फिल्मों की दर्शकों पर पकड़ तकनीक के विकास के साथ बढ़ती जा रही है।

आरती सक्सेना

1949 में अशोक कुमार-मधुबाला की ‘महल’ में जब ‘आएगा आनेवाला…’ गाना गूंजा तो मंत्रमुग्ध दर्शक उस आवाज का पीछा करते करते रेडियो स्टेशन पहुंच गए थे, यह पूछने कि गायिका का नाम बताओ, कौन गा रही है। तब पहली बार लता मंगेशकर का नाम गायिका के तौर पर स्थापित हुआ था। बाद में इस शैली की फिल्में खूब बनीं, खूब चलीं और आज भी बन, चल रहीं हैं। 2021 में ऐसी ही कुछ फिल्में दर्शकों के सामने होंगी, इन्हीं पर एक नजर।

सस्पेंस-हॉरर फिल्मों की दर्शकों पर पकड़ तकनीक के विकास के साथ बढ़ती जा रही है इसलिए आज की सस्पेंस-हॉरर फिल्में पुुरानी फिल्मों से कहीं ज्यादा असरदार नजर आती हैं। 1949 की ‘महल’ संगीतमय सस्पेंस फिल्म थी, जिसे अपार कामयाबी मिली थी और इसके बाद सस्पेंस-हॉरर फिल्मों को बॉक्स आॅफिस पर कामयाबी के फॉर्मूले के तौर पर स्वीकार कर लिया गया।

‘महल’ डर नहीं रोमांच पैदा करती थी मगर आज तकनीक कहीं ज्यादा विकसित है। ऐसी फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक की बहुत अहमियत होती है। बदली तकनीक ने सस्पेंस-हॉरर फिल्मों को कहीं ज्यादा असरदार बना दिया। इतनी ज्यादा कि रामगोपाल वर्मा जैसे निर्देशक सार्वजनिक तौर ऐलान करते हैं कि उनकी फिल्म ‘भूत’ को कोई सिनेमाघर में अकेले बैठ कर नहीं देख सकता।

देखने वाले को पुरस्कार की घोषणा भी कर देते हैं। ‘महल’ के बाद ‘दो गज जमीन के नीचे’, ‘वो कौन थी’ से लेकर ‘जॉनी दुश्मन’ जैसी फिल्में बनाकर बॉलीवुड के फिल्मकारों ने दर्शकों को डरा कर बॉक्स आॅफिस पर कमाई करने की कोशिशें कीं। ये कोशिशें आज भी जारी हैं और 2021 में ऐसी कई सस्पेंस-हॉरर फिल्में दर्शकों को देखने को मिलेगी।

2021 में रिलीज होने वाली हॉरर फिल्में

आठ जनवरी को रामगोपाल वर्मा की हॉरर फिल्म ‘ट्वेल्व ओ क्लॉक’ रिलीज होने जा रही है, जिसमें मिठुन चक्रवर्ती, मकरंद देशपांडे, फ्लोरा सैनी आदि की प्रमुख भूमिकाएं हैं। डराने के साथ हंसाने का मेल दर्शकों को देखने को मिलेगा कैटरीना कैफ, ईशान खट्टर की फिल्म हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘फोन भूत’ में। गुरमीत सिंह निर्देशित इस फिल्म को बना रहे हैं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी।

2021 में विवेक ओबेराय, पलक तिवारी की ‘रोजी’, विशाल फुरिया निर्देशित नुसरत भरुचा अभिनीत ‘छोरी’ के अलावा पवन कृपलानी निर्देशित सैफ-जैकलीन की कॉमेडी-हॉरर ‘भूत पुलिस’ (जो मलयालम फिल्म की रीमेक है)भी देखने को मिलेगी। डराने के साथ हंसाने का काम ‘भूल भुलैया’ की सीक्वेल ‘भूल भुलैया 2’ भी करेगी।

बदलती गर्इं सस्पेंस- हॉरर फिल्में

1949 में ‘महल’ ने रहस्य-रोमांच से भरी फिल्मों का बाजार तैयार कर दिया था। दर्शकों में ऐसी फिल्मों की डिमांड पैदा हुई, तो निर्माता बनाने भी लगे। ‘कोहरा’, ‘गुमनाम’, ‘भूत बंगला’, ‘जादू टोना’, ‘दरवाजा’, ‘तहखाना’, ‘पुराना मंदिर’ जैसी ढेरों फिल्में परदे पर उतरीं।

रामसे ब्रदर्स ने हॉरर फिल्में बनाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। उनकी फिल्में ज्यादातर भूत-प्रेत आत्माओं के इर्दगिर्द घूमती हैं। छोटे सेंटरों पर सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में आज भी ऐेसी फिल्में खूब पसंद की जाती हैं।

इन फिल्मों के भीमकाय भूत, बड़े-बड़े नाखूनों और लाल लाल आंखों के साथ पूरे शरीर पर ढेर सारे बाल और डरावनी खाल के साथ नजर आ रहे थे, जिन्हें देख कर दर्शको के रोंगटे खड़े होने लगे। रहस्य-रोमांच से आगे बढ़कर ऐसी फिल्मों में भयादोहन पर जोर दिया जाने लगा। फिर ‘गो गोवा गोन’ जैसी जॉम्बी फिल्मों से दर्शकों को आश्चर्य में डालने वाली फिल्में भी बनीं। विक्रम भटट की बिपाशा बसु अभिनीत ‘राज’ सुरीले गानों के कारण खूब पसंद की गई।

इस कामयाबी को देखते हुए विक्रम भट्ट ने ‘1920’, ‘हांटेड’ जैसी सस्पेंस- हॉरर फिल्में बनार्इं। रामगोपाल वर्मा ने भी ‘रात’, ‘भूत’, ‘फूंक’ जैसी सस्पेंस-हॉरर फिल्में बनाईं। उर्मिला मातोंडकर, बिपाशा से लेकर राजकुमार राव और करण सिंह ग्रोवर जैसे कलाकारोंं ने कहा कि ऐसी फिल्मों में काम करने के बाद वे मानसिक रूप से प्रभावित हुए।

डराना भी, हंसाना भी

अगर बीते दिनों के साथ आज की फिल्मों का आकलन करे तो सस्पेंस-हॉरर फिल्मों में भी काफी विभिन्नता देखने को मिल रही हैं। ऐसी फिल्मों में डराने के साथ हंसाने पर भी जोर दिया जाने लगा है। जैसे अक्षय कुमार की ‘भूल भूलैया’, अजय देवगन की ‘गोलमाल रिर्टन्स’, राजकुमार राव और श्रध्दा कपूर की ‘स्त्री’ आदि फिल्मों ने दर्शकों को डराने के साथ साथ खूब हंसाया भी। ‘तुम्बांड’ जैसी फिल्म ने दर्शकों को चौंकने पर मजबूर कर दिया। एकता कपूर की फिल्म ‘रागिनी एमएमएस’ में भी एक अलग तरह के भूत के दर्शन हुए। ज्यादातर हॉरर फिल्मों में दर्शकों को डराने के साथ हंसाने का भी ध्यान रखा गया।

हॉलीवुड की हॉरर फिल्में

हॉलीवुड सस्पेंस-हॉरर फिल्मों में दर्शकों को डराने वाले दृश्य कहीं ज्यादा प्रभावशाली होते हैं। उनकी तुलना में बॉलीवुड फिल्में पीछे रह जाती हैं। तकनीक के दम हॉलीवुड की फिल्में दर्शकों में कहीं ज्यादा भय पैदा करती नजर आती हैं। स्पेशल इफेक्ट्स की तकनीक ने ऐसी फिल्मों को और ज्यादा असरदार बनाया है।

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