पंजाबी सिंगर, एक्टर और निर्माता गिप्पी ग्रेवाल इन दिनों अपनी फिल्म ‘कैरी ऑन जट्टा 4’ के लिए काफी सुर्खियों में हैं। पंजाबी इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा नाम है गिप्पी ग्रेवाल। अपनी फिल्मों और गानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में सिंगर को शेखर सुमन के शो शेखर टूनाइट में देखा गया।

इस बातचीत में गिप्पी ने कई सारी बातों पर अपनी राय रखी। उन्होंने दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के बारे में भी बात की। कनाडा में एक मॉल में काम करने से लेकर इंडस्ट्री में इतना नाम कमाने के सफर पर एक्टर ने अपना एक्पीरियंस साझा किए।

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शेखर सुमन ने गिप्पी से कहा कि पंजाब के बारे कुछ बताइए, आज पंजाब को आपकी नजरों से जानेंगे। गिप्पी उनसे रहते है कि ‘आप पंजाब से पंजाबी को निकाल सकते है लेकिन पंजाबी इंसान में से पंजाब कभी नहीं निकलता।’ यहां सिद्धू मूसेवाला की प्रसिद्धि पर बात करते हुए गिप्पी ने उनके स्टारडम को बताया कि ‘सिद्धू के नाम से खाली टिकट भी बिकता है। अगर आप बोलोगे कि हॉल में कोई नहीं है और ये सिद्धू के नाम की टिकट है, खरीदोगे… वो तब भी बिक जाएगा। उस कलाकार ने यही कमाया था। यही वजह है कि आज भी लोग उसे प्यार करते हैं।’

गिप्पी ग्रेवाल ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि जब उनके शुरुआती म्यूजिक एल्बम नहीं चले, तब उन्होंने शादी कर ली और परिवार के साथ कनाडा चले गए। उन्होंने कहा, ‘कनाडा पहुंचने के बाद मुझे पैसों की जरूरत थी, क्योंकि अब मेरी शादी हो चुकी थी और परिवार की जिम्मेदारियां थीं। घर चलाने के लिए मैंने वहां कई तरह के छोटे-बड़े काम किए। जो भी काम मिला, उसे करने से पीछे नहीं हटा।’

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गिप्पी ग्रेवाल ने बताया कि कनाडा में उनका पहला काम सिक्योरिटी गार्ड का था। उन्होंने कहा, ‘इसके बाद एक समय ऐसा भी आया जब मैं एक साथ तीन-तीन नौकरियां करता था। सुबह मैं और मेरी पत्नी मिलकर अखबार बांटते थे। फिर वो सबवे में अपने काम पर चली जाती थीं, जहां वो मैनेजर थीं, और मैं कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने निकल जाता था।’

उन्होंने आगे कहा, ‘एक बार शाम को हम दोनों ने मिलकर एक पूरे मॉल की सफाई का ठेका भी लिया था। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए हमने हर तरह का काम किया और कभी मेहनत करने से पीछे नहीं हटे।’

इन सभी बातों को सुनकर शेखर सुमन उनकी बेहद तारीफ करते दिखाई दिए। उनका कहना था कि जो शख्स अब 100 बॉडीगार्ड लेकर घूमता है, उसने एक समय पर ये सब काम किए। तकदीर और मेहनत आदमी को कहां से कहां ले आती है।