1990 के दौर में ‘पापा कहते हैं’ फिल्म का गाना ‘घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही’ आज भी एवरग्रीन है। जुगल हंसराज के साथ इस गाने में एक्ट्रेस मयूरी कांगो नजर आई थीं। दोनों की मासूम अदाकारी और दोनों की शानदार केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस गाने में मयूरी की मासूमियत ने लोगों का दिल जीत लिया था। मगर इसके बाद कुछ ही सालों में मयूरी कांगो ने कुछ ही सालों में बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। आइए जानते हैं, अब वह कहां हैं और क्या कर रही हैं।

मयूरी कांगो आज फिल्मी दुनिया की चमक-दमक से दूर कॉर्पोरेट जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। वह गूगल, लिंक्डइन जैसी दिग्गज कंपनियों में काम कर चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पहले आईआईटी कानपुर में पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बीच में ही उसे छोड़कर फिल्मों का रुख कर लिया। अभिनय में पहचान बनाने के बाद उन्होंने एक बार फिर करियर बदला और डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में कदम रखकर खुद को सफल कॉर्पोरेट प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया।

मयूरी कांगो का बॉलीवुड से कॉर्पोरेट तक का सफर

जहां ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर फिल्मी दुनिया में किस्मत आजमाने का सपना देखते हैं, वहीं मयूरी कांगो ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। ‘घर से निकलते ही’ जैसे यादगार गाने से लोकप्रियता हासिल करने वाली इस एक्ट्रेस ने अभिनय के शिखर पर रहते हुए बॉलीवुड को अलविदा कहा और कॉर्पोरेट दुनिया में नई शुरुआत की। आज वह डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं। उनकी यह यात्रा इस बात का उदाहरण है कि जुनून और मेहनत के दम पर किसी भी क्षेत्र में नई सफलता हासिल की जा सकती है।

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मयूरी कांगो की मां जानी-मानी थिएटर आर्टिस्ट थीं। मुंबई यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात फिल्मकार सईद अख्तर मिर्जा से हुई। मिर्जा ने मयूरी को अपनी फिल्म ‘नसीम’ (1995) में काम करने का प्रस्ताव दिया। उस समय मयूरी अपनी हाई स्कूल की परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, इसलिए उन्होंने शुरुआत में यह ऑफर ठुकरा दिया। हालांकि, बाद में बातचीत आगे बढ़ी और उन्होंने फिल्म के लिए हामी भर दी। इसी फिल्म से मयूरी कांगो ने बॉलीवुड में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।

डेब्यू फिल्म से ही बटोरी सुर्खियां

मयूरी कांगो ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘नसीम’ (1995) से की और पहली ही फिल्म से अपनी अलग पहचान बना ली। फिल्म को समीक्षकों ने खूब सराहा और इसे सर्वश्रेष्ठ निर्देशन तथा सर्वश्रेष्ठ पटकथा सहित कई राष्ट्रीय सम्मान मिले। मयूरी के सहज और प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों के साथ-साथ फिल्मकार महेश भट्ट का भी ध्यान खींचा। उनकी एक्टिंग से प्रभावित होकर महेश भट्ट ने उन्हें अपनी फिल्म ‘पापा कहते हैं’ (1996) में लीड रोल ऑफर किया, जिसे मयूरी ने स्वीकार कर लिया।

हालांकि, ‘पापा कहते हैं’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन फिल्म में मयूरी के अभिनय की काफी तारीफ हुई। इसके बाद उन्होंने ‘बेताबी’, ‘होगी प्यार की जीत’, ‘बादल’ और तेलुगु फिल्म ‘वामसी’ जैसी फिल्मों में काम किया और इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।

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टीवी की दुनिया में भी छोड़ी छाप

फिल्मों के अलावा मयूरी कांगो ने छोटे पर्दे पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह ‘क्या हादसा क्या हकीकत’, ‘करिश्मा – द मिरेकल्स ऑफ डेस्टिनी’, ‘कुसुम’ और ‘रंगोली’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज में नजर आईं। लेकिन करियर के अच्छे दौर में ही उन्होंने मनोरंजन जगत से दूरी बनाने का फैसला किया।

शादी के बाद अमेरिका में शुरू की नई पारी

साल 2003 में शादी के बाद मयूरी अमेरिका चली गईं। वहां उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला किया और न्यूयॉर्क के बारूक कॉलेज से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए किया। साल 2007 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में कदम रखा।

डिजिटल मार्केटिंग से शुरू हुआ कॉर्पोरेट सफर

मयूरी कांगो ने अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत डिजिटल मार्केटिंग कंपनी 360i में एसोसिएट मीडिया मैनेजर के तौर पर की। इसके बाद उन्होंने रिज़ॉल्यूशन मीडिया और डिजिटास जैसी कंपनियों में काम करते हुए डिजिटल मीडिया और मार्केटिंग की गहरी समझ विकसित की।

भारत वापसी के बाद उन्होंने जेनिथ में मुख्य डिजिटल अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली और करीब पांच साल तक कंपनी से जुड़े रहे। इसके बाद वह पब्लिसिस ग्रुप की अधिकृत मार्केटिंग एजेंसी परफॉर्मिक्स के प्रबंध निदेशक बने, जहां उन्होंने डिजिटल बड़े ब्रांड के लिए कई ब्रांडों का नेतृत्व किया।

गूगल इंडिया में प्रवेश अहम जिम्मेदारी

साल 2019 में मूरी कांगो गूगल इंडिया से जुड़ीं, जहां उन्होंने डिजिटल विज्ञापन, मीडिया सॉल्यूशंस और बड़े विज्ञापन नेटवर्क के साथ काम किया। अगस्त 2024 में उन्हें एआई, मार्टेक और मीडिया सॉल्यूशंस से जुड़े बड़े नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली।

इसके बाद 25 अगस्त 2025 को मैरी ने लिंक्डइन पर फिर से घोषणा की कि वह एक बार पब्लिसिस ग्रुप से जुड़ गई हैं। इस बार उन्हें इंडिया डिलीवरी सेंटर का सीईओ नियुक्त किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मयूरी 1.5 मिलियन डॉलर की संपत्ति की मालकिन हैं।