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बस कंडक्टर से लेकर कुली और कारपेंटर तक का किया काम, ऐसा रहा है रजनीकांत का संघर्ष

रजनीकांत ने अपनी जिंदगी में बहुत अधिक संघर्ष किया है। जब वो बहुत छोटे थे तभी उनकी मां चल बसी थीं और घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए रजनीकांत ने बढ़ई से लेकर कुली तक का काम किया।

rajnikanth, rajnikanth birthday, rajnikanth struggleरजनीकांत आज 70 साल के हो गए

Birthday Special: फिल्मों के भगवान कहे जाने वाले रजनीकांत आज 70 साल के हो गए। उनके 70 वें जन्मदिन पर बॉलीवुड के बड़े कलाकारों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। ए आर रहमान, सुनील शेट्टी, आदिति राव हैदरी आदि कई बॉलीवुड सेलेब्स ने उन्हें शुभकामनाएं भेजी हैं। रजनीकांत का यहां तक आने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है। उन्होंने घर की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समय कुली से लेकर कारपेंटर तक का काम किया।

रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को कर्नाटक में एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ। उनका नाम मराठा योद्धा शिवाजी महाराज के नाम पर शिवाजी राव गायकवाड़ रखा गया। वो जीजाबाई और रामोजीराव की चौथी संतान थे। उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल थे। जब वो छोटे थे तभी उनकी मां का देहांत हो गया और घर की माली हालत खराब होनी शुरू हो गई। घर की बदहाली को ठीक करने के लिए रजनीकांत ने खुद काम करने की ठानी और बहुत से ऐसे काम किए जो उस वक्त सम्मानित नहीं माने जाते थे।

उन्होंने कुली बनकर लोगों का सामान ढोया तो कभी कारपेंटर बनकर लोगों के फर्नीचर ठीक किए। बाद में उन्हें बेंगलुरु ट्रांसपोर्ट सर्विस में एक बस कंडक्टर की नौकरी मिल गई। यही से उन्होंने नाटकों में हिस्सा लेना शुरू किया। उनका झुकाव एक्टिंग की तरफ था और इसी कारण वो काम से समय निकालकर स्टेज प्लेज में हिस्सा लेते थे। इसी दौरान उन्हें टोपी मुनिप्पा का ऐतिहासिक नाटक करने का मौका मिला।

उन्होंने एक विज्ञापन देखकर मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने की सोची लेकिन उनका परिवार इसके खिलाफ था। उनके पास पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे तो उनके दोस्त राज बहादुर ने उन्हें आर्थिक मदद दी थी। और यहीं एक स्टेज शो के दौरान तमिल फिल्मों के बड़े निर्देशक के बालाचंदर ने उन्हें देखा और उन्हें सलाह दी कि वो तमिल सीखें और तमिल फिल्मों में आएं।

रजनीकांत ने 1975 में ‘अपूर्व रागांगल’ नामक तमिल फ़िल्म से डेब्यू किया। फ़िल्म बेहद सफल रही और उसे 3 राष्टीय पुरस्कार मिले। इसके बाद रजनीकांत ने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का भी रुख किया और फिल्में की। 80 का दशक आते- आते रजनीकांत ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बेहद लोकप्रियता हासिल कर ली। 1983 में रजनीकांत ने ‘अंधा कानून’ से अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया।

बॉलीवुड में वो शिवाजी – द बॉस, रोबोट, कबाली जैसे हिट फिल्में दे चुके हैं। रजनीकांत अपने फ़िल्मों के लिए कई बड़े पुरस्कार भी जीत चुके हैं। उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े पुरस्कार, पद्म भूषण से भी नवाजा का चुका है।

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